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किनारे को भी हमसे किनारा चाहिए - चिन्मय शर्मा
किनारे को भी हमसे किनारा चाहिए - चिन्मय शर्मा

किनारे को भी हमसे किनारा चाहिए, साथ कहाँ अब उसको हमारा चाहिए। कश्ती में तुम्हारी ख्वाहिशें आती नहीं, तुम्हें किसी सफ़ीने का सहारा चाहिए।...

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मरने के आसार दिखाई देते है - सचिन शाश्वत
मरने के आसार दिखाई देते है - सचिन शाश्वत

मरने के आसार दिखाई देते है चारो जानिब यार दिखाई देते है जिनकी खातिर पहले हम इक सीढ़ी थे उनको अब हम दीवार दिखाई देते है कुछ है, चुन ...

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मुसाफिर हूँ इक अनजानी डगर का - कृष्ण कुमार नाज़
मुसाफिर हूँ इक अनजानी डगर का - कृष्ण कुमार नाज़

मुसाफिर हूँ इक अनजानी डगर का कुछ अंदाजा नहीं होता सफर का मेरे ख्वाबो मेरी नींदे सजा दो कि मै जागा हुआ हूँ उम्र भर का है मुझमे खामि...

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मेरा किरदार कब से जंच रहा है - राज़िक़ अंसारी
मेरा किरदार कब से जंच रहा है - राज़िक़ अंसारी

मेरा किरदार कब से जंच रहा है मगर जो सच है वो तो सच रहा है इज़ाफ़ा हो रहा है नफ़रतों में न जाने कौन साज़िश रच रहा है सफ़ेदी आ गयी बालो...

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मेरी दुनिया के तमाम बच्चे - अदनान कफील दरवेश
मेरी दुनिया के तमाम बच्चे - अदनान कफील दरवेश

वो जमा होंगे एक दिन और खेलेंगे एक साथ मिलकर वो साफ़-सुथरी दीवारों पर पेंसिल की नोक रगड़ेंगे वो कुत्तों से बतियाएँगे और बकरियों से औ...

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ये किसका लहू है कौन मरा - साहिर लुधियानवी
ये किसका लहू है कौन मरा - साहिर लुधियानवी

ये किसका लहू है कौन मरा ऐ रहबर-ए-मुल्क-ओ-कौम बता ये किसका लहू है कौन मरा ये जलते हुए घर किसके हैं ये कटते हुए तन किसके है, तकसीम क...

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लूट मची है चारों ओर... सारे चोर - राहत इंदौरी
लूट मची है चारों ओर... सारे चोर - राहत इंदौरी

लूट मची है चारों ओर... सारे चोर इक जंगल और लाखों मोर... सारे चोर इक थैली में अफसर भी, चपरासी भी क्या ताकतवर, क्या कमजोर... सारे चोर उ...

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माना किसी ज़ालिम की हिमायत नहीं करते -  आसिम वास्ती
माना किसी ज़ालिम की हिमायत नहीं करते - आसिम वास्ती

माना किसी ज़ालिम की हिमायत नहीं करते ये लोग मगर खुल के बग़ावत नहीं करते करते हैं मुसलसल मिरे ईमान पे तन्क़ीद ख़ुद अपने अक़ीदों की वज...

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शिकार को निकला शेर - सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
शिकार को निकला शेर - सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

एक शेर एक रोज जंगल में शिकार के लिए निकला। उसके साथ एक गधा और कुछ दूसरे जानवर थे। सब-के-सब यह मत ठहरा कि शिकार का बराबर हिस्साे लिया जाएगा...

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देश गान - हामिद अल्लाह "अफसर" मेरठी
देश गान - हामिद अल्लाह "अफसर" मेरठी

भारत प्यारा, देश हमारा, सब देशो से न्यारा है, हर रूत, हर एक मौसम इस का, कैसा प्यारा-प्यारा है, कैसा सुहाना, कैसा सुन्दर, प्यारा देश हमारा...

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सआदत हसन मंटो जीवन परिचय
सआदत हसन मंटो जीवन परिचय

सआदत हसन मंटो साहब का जन्म 11 मई 1912 को समराला (पंजाब) में हुआ था | आपने भारत पकिस्तान के विभाजन को अपनी आँखों से देखा सो इस दर्द को अ...

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बंदर ने इक लिया मोबाइल - डॉ. जियाउर रहमान जाफरी
बंदर ने इक लिया मोबाइल - डॉ. जियाउर रहमान जाफरी

बंदर ने इक लिया मोबाइल कर दिया उसमें नंबर डायल बोली उधर बंदरिया हेलो हाल -चाल है कैसा बोलो कहा बंदर ने सुन मेरी रानी आज है थोड़ी सी ...

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अब के रुत बदली तो ख़ुशबू का सफ़र देखेगा कौन  - अहमद फ़राज़
अब के रुत बदली तो ख़ुशबू का सफ़र देखेगा कौन - अहमद फ़राज़

अब के रुत बदली तो ख़ुशबू का सफ़र देखेगा कौन ज़ख़्म फूलों की तरह महकेंगे पर देखेगा कौन देखना सब रक़्स-ए-बिस्मल में मगन हो जाएँगे जिस ...

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बस गया हो ज़हन में जैसे कोई डर आजकल - कृष्ण कुमार नाज़
बस गया हो ज़हन में जैसे कोई डर आजकल - कृष्ण कुमार नाज़

बस गया हो ज़हन में जैसे कोई डर आजकल सब इकट्ठा कर रहे हैं छत पे पत्थर आजकल शहरभर की नालियाँ गिरती हैं जिस तालाब में वो समझने लग गया ...

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दिल जो दीवाना नहीं आखिर को दीवाना भी था - जॉन एलिया
दिल जो दीवाना नहीं आखिर को दीवाना भी था - जॉन एलिया

दिल जो दीवाना नहीं आखिर को दीवाना भी था भूलने पर उस को जब आया तो पहचाना भी था जानिया किस शौक में रिश्ते बिछड़ कर रह गए काम तो कोई नही...

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डॉ राहत इंदौरी के 22 बेहतरीन शेर
डॉ राहत इंदौरी के 22 बेहतरीन शेर

डॉ राहत इंदौरी के 22 बेहतरीन शेर 1.ज़ुबाँ तो खोल नज़र तो मिला जवाब तो दे मैं कितनी बार लूटा हूँ मुझे हिसाब तो दे। 2. लोग हर मोड़ पे रू...

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वो मोहब्ब्त का इक पुजारी लगे - डॉ जियाउर रहमान जाफरी
वो मोहब्ब्त का इक पुजारी लगे - डॉ जियाउर रहमान जाफरी

उसमें आवाज़ कुछ तुम्हारी लगे मुझको कोयल की कूक प्यारी लगे मैंने सीखा है जबसे सच कहना मेरी हर बात ही कटारी लगे खीर घर घर में क्यों बंटा ...

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यकुम जनवरी है नया साल है - अमीर कज़लबाश
यकुम जनवरी है नया साल है - अमीर कज़लबाश

यकुम जनवरी है नया साल है दिसम्बर में पूछूँगा क्या हाल है बचाए ख़ुदा शर की ज़द से उसे बेचारा बहुत नेक-आमाल है बताने लगा रात बूढ़ा फ़क़...

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