0
ख़ुद अपने साथ सफ़र में रहे तो अच्छा है,
वो बे-ख़बर है ख़बर में रहे तो अच्छा है ।।

क़दम क़दम यूँही रखना दिलों में अंदेशा,
चराग़ राहगुज़र में रहे तो अच्छा है ।।

कभी कभी मिरे दामन के काम आएगी,
ये धूप दीदा-ए-तर में रहे तो अच्छा है ।।

मैं दिल का हाल न आने दूँ अपनी पलकों तक,
ये घर की बात है घर में रहे तो अच्छा है ।।

किया है तुंद हवाओं का सामना जिस ने,
वो फूल शाख़-ए-शजर में रहे तो अच्छा है ।। - अमीर क़ज़लबाश

Roman
khud apne asath safar me rahe to achcha hai
wo be-khar hai khabar me rahe to achcha hai

kadam kadam yuhi rakhan dilo me andesha
charag rahgujar me rahe to achcha hai

kabhi kabhi mire daman ke kam aayegi
ye dhoop deeda-e-tar me rahe to achcha hai

mai dil ka haal n aane du apni palko tak
ye ghar ki baat hai ghar me rahe to achcha hai

kiya hai tund hawao ka samana jisne
wo phool shakh-e-shazar me rahe to achcha hai - Amir Qazalbash
.

Post a Comment

 
Top