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चाँद शेरी साहब के जन्मदिन के मौके पर उनकी यह गज़ल पेश है

खुश्क मौसम रूत सुहानी ले गया
चहचहाती जिंदगानी ले गया

मंदिरों का, मस्जिदों का आदमी
बस्तियों की शादमानी ले गया

नागफनियो का हमें देकर फ़रेब
वो हमारी रात-रानी ले गया

बन के दाता इक भिखारन का कोई
चंद सिक्को में जवानी ले गया

याँ खुदा कोई लुटेरा लूटकर
मेरे दिल की राजधानी ले गया

खत का मजमूं भापने वाला कोई
प्यार के किस्से –कहानी ले गया

अब कहा शेरी वो मंजिल के निशाँ
आके तूफां हर निशानी ले गया – चाँद शेरी

मायने
शादमानी = खुशी

Roman

khushq mousam root suhani le gya
chahchahati zindgani le gya

mandiro ka, masjido ka aadmi
bastiyo ki shaadmani le gya

nagfaniyo ka hame dekar fareb
wo hamari raat-raani le gya

ban ke daata ik bhikharan ka koi
chand sikko me jawani le gya

yaa khuda koi lutera lutkar
mere dil ki raajdhani le gya

khat ka majmoon bhapne wala koi
pyar ke kisse-kahani le gya

ab kaha sherio wo manzil ke nishaan
aake toofan har nishani le gya - Chaand sheri
#jakhira

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