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सदाए देनी थी जिसको, उसे सदाए न दी
मेरे नसीब ने फिर कम मुझे सजाए न दी

मिली है विरसे में मुझको कलंदराना रविश
मुझे कभी किसी दरवेश ने दुआए न दी

वो जहर देता तो सबकी नजर में आ जाता
तो यु किया कि मुझे वक़्त पर दवाए न दी

मै सोचता हू कि ऐसा हुआ तो कैसे हुआ
किया सलाम तो माँ ने मुझे दुआए न दी

उडी थी बात मगर दब-दबा गई नज्मी
शरीफ लोग थे, अफवाह को हवाए न दी- अख्तर नज्मी / Akhtar Najmi
मायने
सदाए=आवाजे, विरसा=विरासत, कलंदराना रविश=फकीराना तबियत, दरवेश=फकीर

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