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सबके दिल में है जगह तेरी जो तू राजी हुआ |
मुझ पे गोया एक जमाना मेहरबा हो जाएगा || 

बाग़ में मुझको न ले जा वर्ना मेरे हाल पर |
हर गुले-तर एक चश्मे-खुफ़िशा हो जाएगा ||

वाए गर मेरा तेरा इंसाफ महशर में न हो |
अब तलक तो ये तवक्को है कि वा हो जाएगा ||

फायदा क्या सोच आखिर तू भी दाना है 'असद' |
दोस्ती नादां कि है जी का ज़िया हो जाएगा ||


मायने
गुले-तर= हर फुल, चश्मे-खुफ़िशा=खून रोने वाली आँख, महशर=प्रलय का समय, तवक्को=आशा, दाना=बुद्धिमान, ज़िया=हानि

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