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लम्सो-लज्जत के असर में आ गये
देख फिर दीवारों-दर में आ गये

दूर कि चीज़े खला में खो गई
पास के मंज़र नज़र में आ गये

जिस्म को गन्दुम-महक ने छु लिया
फुल फिर दिल के शज़र में आ गये

खौफ से हमको रिहाई मिल गई
हम भी एक दस्ते-हुनर में आ गये
                                           - शहरयार
मायने
लम्सो-लज्जत=स्पर्श के आनंद, खला=अन्तरिक्ष, गन्दुम=गेहू, शज़र=पेड़, दस्ते-हुनर=गुनी हाथ

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  1. लाजवाब गज़ल। धन्यवाद।

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  2. धन्यवाद निर्मला जी |

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