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अपना ग़म लेके कही और न जाया जाये,
घर में बिखरी हुई चीजो को सजाया जाये !

जिन चिरागों को हवाओ का कोई खौफ नहीं,
उन चिरागों को हवाओ से बचाया जाये !

बाग़ में जाने के आदाब हुआ करते थे,
किसी तितली को न फूलो से उड़ाया जाये !

ख़ुदकुशी करने कि हिम्मत नहीं होती सब में,
और कुछ दिन यु ही औरो को सताया जाये !

घर से मस्जिद है बहुत दूर चलो यु कर ले,
किसी रोते हुए बच्चे को हसाया जाये ! - निदा फाजली

Roman

apna gam leke kahi aur n jaya jaye
ghar me bikhri hui cheejo ko sajaya jaye

jin chirago ko hawao ka koi khouf nahi
un chirago ko hawao se bachaya jaye

baag me jane ke aadab hua karte the
kisi titli ko n phoolo se udaya jaye

khudkushi karne ki himmat nahi hoti sab me,
aur kuch din yu hi auro ko sataya jaye

ghar se masjid hai bahut door chalo yun kar le
kisi rote hue bachche ko hasaya jaye - Nida Fazli

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  1. घर से मस्जिद है बहुत दूर चलो यु कर ले,
    किसी रोते हुए बच्चे को हसाया जाये

    फाजली साहब की तो क्या बात है, अच्छा संकलन, जारी रखिये ....

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  2. bahut pyaari... aur satya...
    jinhe itanee asaan baatein samajh nahi aati
    unhe bhi kisi tareeke se samjhaya jaye...

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