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bekal utsahi

आज बेकल उत्साही साहब को जन्नतनशी हुए एक बरस हो गया वो आज ही के दिन पिछले बरस 03 दिसम्बर 2016 को मृत्यु को प्राप्त हुए थे | उन्हें याद करते हुए उनकी एक ग़ज़ल आप सभी के लिए पेश है :

इक दिन ऐसा भी आएगा होंठ-होंठ पैमाने होंगे
मंदिर-मस्जिद कुछ नहीं होंगे घर-घर में मयख़ाने होंगे

जीवन के इतिहास में ऐसी एक किताब लिखी जाएगी
जिसमें हक़ीक़त औरत होगी मर्द सभी अफ़्साने होंगे

राजनीति व्यवसाय बनेगी संविधान एक नाविल होगा
चोर उचक्के सब कुर्सी पर बैठ के मूँछें ताने होंगे

एक ही मुंसिफ़ इंटरनैट पर दुनिया भर का न्याय करेगा
बहस मोबाइल ख़ुद कर लेगा अधिवक्ता बेग़ाने होंगे

ऐसी दवाएँ चल जाएँगी भूख प्यास सब ग़ायब होगी
नये-नवेले बूढे़ होंगे,बच्चे सभी पुराने होंगे

लोकतंन्त्र का तंत्र न पूछो प्रत्याशी कम्प्यूटर होंगे
और हुकूमत की कुर्सी पर क़ाबिज़ चंद घराने होंगे

गाँव-खेत में शहर दुकाँ में सभी मशीनें नौकर होंगी
बिन मुर्ग़ी के अन्डे होंगे बिन फ़सलों के दाने होंगे

छोटॆ-छोटॆ से कमरों में मानव सभी सिमट जाएँगे
दीवारें ख़ुद फ़िल्में होंगी,दरवाज़े ख़ुद गाने होंगे

आँख झपकते ही हर इंसा नील-गगन से लौट आएगा
इक-इक पल में सदियाँ होंगी,दिन में कई ज़माने होंगे

अफ़्सर सब मनमौजी होंगे,दफ़्तर में सन्नाटा होगा
जाली डिग्री सब कुछ होगी कालेज महज़ बहाने होंगे

बिन पैसे के कुछ नहीं होगा नीचे से ऊपर तक यारो
डालर ही क़िस्मत लिक्खेंगे रिश्वत के नज़राने होंगे

मैच किर्किट का जब भी होगा काम-काज सब ठप्प रहेंगे
शेयर में घरबार बिकेंगे मलिकुल-मौत सरहाने होंगे

होटल-होटल जुआ चलेगा अविलाओं के चीर खिचेंगे
फ़ोम-वोम के सिक्के होंगे डिबियों बीच ख़ज़ाने होंगे

शायर अपनी नज़्में लेकर मंचों पर आकर धमकेंगे
सुनने वाले मदऊ होंगे संचालक बेमाने होंगे

बेकल इसको लिख लो तुम भी महिला-पुरुष में फ़र्क न होगा
रिश्ता-विश्ता कुछ नहीं होगा संबंधी अंजाने होंगे - बेकल उत्साही

Roman

ik din aisa bhi aayega hoth-hoth paimane honge
mandir-masjid kuch nahi honge ghar-ghar me maykhane honge

jeevan ke itihas me aisi ek kitab likhi jayegi
jisme haqikat aurat hongi mard sabhi afsane honge

rajniti vyvsay banegi sanvidhan ek novel honga
chor uchkke sab kursi par baith ke muchche taane honge

ek hi munsif internet par duniya bhar ka nyay karega
bahas mobile khud kar lega adhivakta begane honge

aisi dawaye chal jayegi bhukh pyas sab gayab hongi
naye-navele budhe honge, bachche sabhi purane honge

loktantra ka tantr n puchho pratyashi computer honge
aur hukumat ki kursi par kabiz chand gharane honge

gaon - khet me shahar dukaan me sabhi machine noukar hongi
bin murgi ke ande honge bin faslo ke dane honge

chhote chhote se kamro me manav sabhi simat jayenge
deeware khud filme hongi, darwaje khud gaane honge

aankh jhapkate hi har insa neel-gagan se lout aayega
ik-ik pal me sadiyan hongi, din me kai jamane honge

afsar sab manmouji honge, daftar me sannata honga
jali digri sab kuch hongi, college mahaz bahane honge

bin paise ke kuch nahi hoga,, niche se upar tak yaaro
doller hi kismat likhenge rishwat ke nazrane honge

match cricket ka jab bhi hoga kam-kaj sab thapp rahenge
share me gharbar bikenge malikul mout sarhane honge

hotel-hotel jua chalega, avilao ke cheer khichenge
foam-wom ke sikke honge dibiyo beech khajane honge

shayar apni jazme lekar mancho par aakar dhamkenge
sunne wale madau honge sanchalak baimane honge

bekal isko likh lo tum bhi mahila-purush me fark n honga
rishta-vishta kuch nahi hoga sambandhi anjane honge- Bekal Utsahi

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