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आप भोपाल के रहने वाले है और अभी भोपाल के स्कूल में कार्यरत है । 
जिंदगी में हमारी अगर दुशवारियाँ नहीं होती
हमारे हौसलों पर लोगों को हैरानियाँ नहीं होती

चाहता तो वह मुझे दिल में भी रख सकता था
मुनासिब हरेक को चार दिवारिया नहीं होती

मेरा ईमान भी अब बुझी हुई राख की तरह है
जिसमें कभी न आंच और न चिंगारियाँ होती

कुछ कम पढ़े तो कुछ अधिक ही पढ़ गए हम
वर्ना मेरे गाँव में इतनी वीरानियाँ नहीं होती

कुछ तो होता होगा असर दुआओं का भी
सिर्फ दवाओं से ठीक बीमारियाँ नहीं होती

देखते हैं बिगबॉस की कहानियाँ बच्चे टीवी पर
शायद घरों में अब वे दादी-नानियाँ नहीं होती

कोई कहकहा लगाओ के अब सन्नाटा खत्म हो
एक-दो बच्चों से अब किलकारियाँ नहीं होती - कविता रावत

Roman

zindgi me hamari agar dushwariya nahi hoti
hamare houslo par logo ko hairaniya nahi hoti

chahta to wah mujhe dil me bhi rakh rakta tha
munasib harek ko char diwariya nahi hoti

mera iman bhi ab bujhi hui rakh ki tarah hai
jisme kabhi n aanch aur n chingariya hoti

kuch kam padhe to kuch adhik hi padh gaye ham
warna mere gaon me itni veeraniya nahi hoti

kuch to hota hoga asar duaaon ka bhi
sirf dwao se thik bimariyan nahi hoti

dekhte hai bigbas ki kahaniya bachche TV par
shayad gharo me ab we dadi naniya nahi hoti

koi kahkaha lagao ke ab sannata khatm ho
ek do bachcho se ab kilkariya nahi hoti - Kavita Rawat
#jakhira
आपका ब्लॉग एड्रेस है http://kavitarawatbpl.blogspot.in/

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