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सितमगर तुझसे हम कब शिकवा-ए-बेदाद करते है
हमें फरियाद की आदत है, हम फरियाद करते है

हवाओ ! एक पल के वास्ते लिल्लाह रुक जाओ
वो मेरी अर्ज़ पर धीमे से कुछ इरशाद करते है

किया होगा कभी आदम को सिजदा कहने-सुनने से
फ़रिश्ते अब कहा परवा-ए-आदमजाद करते है

हमें ए दोस्तों ! चुपचाप मर जाना भी आता है
तड़प कर एक ज़रा दिलजोई ए सैयाद करते है

बहुत सादा-सा है कैफ अपने ग़म का अफसाना
वो हमको भूल बैठे है, जिन्हें हम याद करते है
                                     - सरस्वती सरन कैफ़
मायने
सितमगर=जुल्म करने वाला, शिकवा-ए-बेदाद=जुल्म की शिकायत, अर्ज़=विनती, इरशाद=फरमाना, आदम=पैगम्बर हजरत आदम, आदमजाद=इंसान, दिलजोई=दिल बहलाना, सैयाद=शिकारी
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