जलील मानिकपुरी के 20 बेहतरीन शेर

जलील मानिकपुरी साहब के 20 बेहतरीन शेर

जलील मानिकपुरी साहब के 20 बेहतरीन शेर



अजब अदा से चमन में बहार आती है कली-कली से मुझे बू-ए-यार आती है
अजब अदा से चमन में बहार आती है
कली-कली से मुझे बू-ए-यार आती है



आँसू हमारे गिर गए उन की निगाह से इन मोतियों की अब कोई क़ीमत नहीं रही
आँसू हमारे गिर गए उन की निगाह से
इन मोतियों की अब कोई क़ीमत नहीं रही



आज आँसू तुमने पोछे भी तो क्या,
यह तो अपना उम्र भर का हाल है।



आते आते आएगा उन को ख़याल
जाते जाते बे-ख़याली जाएगी



आप ने तस्वीर भेजी मैं ने देखी ग़ौर से
हर अदा अच्छी ख़मोशी की अदा अच्छी नहीं



आप पहलू में जो बैठें तो सँभल कर बैठें
दिल-ए-बेताब को आदत है मचल जाने की



ऐसे छुपने से न छुपना ही था बेहतर तेरा तू है पर्दे में मगर ज़िक्र है घर घर तेरा
ऐसे छुपने से न छुपना ही था बेहतर तेरा
तू है पर्दे में मगर ज़िक्र है घर घर तेरा



कुछ इस अदा से आप ने पूछा मिरा मिज़ाज
कहना पड़ा कि शुक्र है परवरदिगार का



छुपा न राज़ मोहब्बत का बू-ए-गुल की तरह
जो बात दिल में थी वो दरमियाँ निकल आई



जब मैं चलूँ तो साया भी अपना न साथ दे
जब तुम चलो ज़मीन चले आसमाँ चले



ज़िंदगी क्या जो बसर हो चैन से
दिल में थोड़ी सी तमन्ना चाहिए



झूठे वादे भी नहीं करते आप
कोई जीने का सहारा भी नहीं



तसद्दुक़ इस करम के मैं कभी तन्हा नहीं रहता
कि जिस दिन तुम नहीं आते तुम्हारी याद आती है



बात उल्टी वो समझते हैं जो कुछ कहता हूँ
अब की पूछा तो ये कह दूँगा कि हाल अच्छा है



मोहब्बत रंग दे जाती है जब दिल दिल से मिलता है
मगर मुश्किल तो ये है दिल बड़ी मुश्किल से मिलता है



या खुदा दर्दे मुहब्बत में असर है कि नहीं
जिस पे मरता हूं उसे मेरी खबर है कि नहीं



ये जो सिर नीचे किए बैठे हैं
जान कितनों की लिए बैठे हैं



रात को सोना न सोना सब बराबर हो गया
तुम न आए ख़्वाब में आँखों में ख़्वाब आया तो क्या



सब कुछ हम उन से कह गए लेकिन ये इत्तिफ़ाक़
कहने की थी जो बात वही दिल में रह गई



होती कहाँ है दिल से जुदा दिल की आरज़ू
जाता कहाँ है शम्अ को परवाना छोड़ कर




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