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 बतलाते हैं सारे मंज़र ख़ुश हैं सब -  राज़िक़ अंसारी
बतलाते हैं सारे मंज़र ख़ुश हैं सब - राज़िक़ अंसारी

बतलाते हैं सारे मंज़र ख़ुश हैं सब अन्दर से है टूटे बाहर ख़ुश हैं सब देख लो अपनी प्यास छुपाने का अंजाम बोल रहा है एक समन्दर ख़ुश हैं सब...

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Hindustan Chhod do हिंदुस्तान छोड़ दो - इस्मत चुग़ताई
Hindustan Chhod do हिंदुस्तान छोड़ दो - इस्मत चुग़ताई

साहब मर गया जयंतराम ने बाजार से लाए हुए सौदे के साथ यह खबर लाकर दी। 'साहब- कौन साहब? 'वह कांटरिया साहब था न? 'वह काना साहब- जैक्...

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अब आप चलो तुम अपने बोझ उठाए - जमीलुद्दीन आली
अब आप चलो तुम अपने बोझ उठाए - जमीलुद्दीन आली

जमीलुद्दीन आली भारत में जन्मे ( 20 जनवरी 1925 ) और पाकिस्तान में मृत्यु को प्राप्त हुए | मशहूर शायर थे | बीमारी के चलते आज ही के दिन ( 23 न...

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मुझको ही ऐसा लगता है या सचमुच ही हो जाता है - मुज़फ़्फ़र हनफ़ी
मुझको ही ऐसा लगता है या सचमुच ही हो जाता है - मुज़फ़्फ़र हनफ़ी

मुझको ही ऐसा लगता है या सचमुच ही हो जाता है मै बातें तुमसे करता हूं चांद गुलाबी हो जाता है उस दिल के क्या कहने जिसमे गम के कांटे डूब ग...

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खावर रिजवी जीवन परिचय
खावर रिजवी जीवन परिचय

खावर रिज़वी साहब का जन्म 1 जून 1938 को हुआ | इनके जन्म के साल में कुछ गफलत है कुछ लोग इसे 1936 बताते है | आपका असल नाम सय्यद सिब्ते हस...

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मैं इसके नाज़ उठाता हूँ सो यह ऐसा नहीं करती - मुनव्वर राना
मैं इसके नाज़ उठाता हूँ सो यह ऐसा नहीं करती - मुनव्वर राना

बाल दिवस पर आप सभी को शुभकामनाए और बच्चो को प्यार .. मुनव्वर साहब वैसे भी रिश्तों को बखूबी अपनी ग़ज़ल में समेट लेते है और खासकर माँ को .. ...

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 सितारों से आगे जहाँ और भी हैं - अल्लामा इकबाल
सितारों से आगे जहाँ और भी हैं - अल्लामा इकबाल

आज अल्लामा इकबाल की १४० वी जयंती है इस अवसर पर उनकी यह ग़ज़ल पेश है :- सितारों से आगे जहाँ और भी हैं अभी इश्क़ के इम्तिहाँ और भी हैं त...

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बहादुर शाह ज़फर जीवन परिचय
बहादुर शाह ज़फर जीवन परिचय

भारत के अंतिम मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर उर्दू के जाने माने शायर थे | बहादुर शाह ज़फर का जन्म 24 अक्टूम्बर 1775 में हुआ था आपके पिता अकबर ...

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 शब को दलिया दला करे कोई  - सय्यद ज़मीर जाफरी
शब को दलिया दला करे कोई - सय्यद ज़मीर जाफरी

शब को दलिया दला करे कोई सुब्ह को नाश्ता करे कोई इस का भी फ़ैसला करे कोई किस से कितना हया करे कोई आदमी से सुलूक दुनिया का जैसे अण्डा ...

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कभी कभी बेहद डर लगता है  - सज्जाद ज़हीर
कभी कभी बेहद डर लगता है - सज्जाद ज़हीर

सज्जाद ज़हीर साहब के जन्मदिवस के मौके पर उनकी यह नज़्म पेश है : कभी कभी बेहद डर लगता है कि दोस्ती के सब रुपहले रिश्ते प्यार के सारे सुनह...

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अब्दुल कावी देसनवी जीवनी
अब्दुल कावी देसनवी जीवनी

आज अपने गूगल डूडल में अब्दुल कावी देसनवी का नाम जरुर पड़ा होगा | ये वो उर्दू के लेखक थे जिनकी वजह से हमें आज जावेद अख्तर , मुजफ्फर हनफी ...

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