0
एक साग़र भी इनायत न हुआ याद रहे  - ब्रज नारायण चकबस्त
एक साग़र भी इनायत न हुआ याद रहे - ब्रज नारायण चकबस्त

एक साग़र भी इनायत न हुआ याद रहे । साक़िया जाते हैं, महफ़िल तेरी आबाद रहे ।। बाग़बाँ दिल से वतन को ये दुआ देता है, मैं रहूँ या न रहूँ ये...

Read more »

0
हम जौर भी सह लेंगे- अर्श मलसियानी
हम जौर भी सह लेंगे- अर्श मलसियानी

हम जौर भी सह लेंगे, मगर डर है तो यह है ज़ालिम को कभी फूलते-फलते नहीं देखा अहबाब की यह शाने-हरीफ़ाना सलामत दुश्मन को भी यूं ज़हर उगलते न...

Read more »

0
Dudh ka Daam दूध का दाम - मुंशी प्रेमचंद
Dudh ka Daam दूध का दाम - मुंशी प्रेमचंद

अब बड़े-बड़े शहरों में दाइयाँ, नर्सें और लेडी डाक्टर, सभी पैदा हो गयी हैं; लेकिन देहातों में जच्चेखानों पर अभी तक भंगिनों का ही प्रभुत्व है ...

Read more »

0
भुलाता लाख हूँ लेकिन बराबर याद आते हैं - हसरत मोहानी
भुलाता लाख हूँ लेकिन बराबर याद आते हैं - हसरत मोहानी

भुलाता लाख हूँ लेकिन बराबर याद आते हैं इलाही तर्के-उल्फ़त पर वो क्योंकर याद आते हैं न छेड़ ऐ हम नशीं कैफ़ीयते-सहबा के अफ़साने शराबे-बेख...

Read more »

0
Alif Laila -1 अलिफ़ लैला उपन्यास-1
Alif Laila -1 अलिफ़ लैला उपन्यास-1

हम आप सभी के लिए अलिफ़ लैला उपन्यास को प्रस्तुत कर रहे है आशा है आपको यह पसंद आएगा | इसकी एक एक कड़ी सिलसिलेवार प्रकाशित की जाएगी | अलिफ़ लैला...

Read more »

0
वालिद पर फातिहा - निदा फाजली
वालिद पर फातिहा - निदा फाजली

आज आप सभी के निदा फाजली की लिखी रचना वालिद पर फातिहा पेश है  तुम्हारी कब्र पर मैं फातिहा पढ़ने नहीं आया मुझे मालूम था तुम मर नहीं सकत...

Read more »

1
लफ़्ज़ तोड़े मरोड़े ग़ज़ल हो गई - अल्हड़ बीकानेरी
लफ़्ज़ तोड़े मरोड़े ग़ज़ल हो गई - अल्हड़ बीकानेरी

अल्हड बीकानेरी अपनी अलग तरह की शायरी के लिए जाने जाते है आपका मूल नाम श्यामलाल शर्मा है आपको हरियाणा गौरव पुरस्कार, काका हाथरसी पुरस्कार भी...

Read more »

0
राहत इंदौरी की नई किताब मेरे बाद
राहत इंदौरी की नई किताब मेरे बाद

आंख में पानी रखो होंठों पे चिंगारी रखो, जिंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो ' जिंदगी की हकीकत और रूमानियत को लफ्जों में पिरोकर ...

Read more »

8
वे आ रहे है ... - ध्रुव सिंह एकलव्य
वे आ रहे है ... - ध्रुव सिंह एकलव्य

"वे आ रहें हैं" सत्य को प्रतिष्ठित बनाने मार्ग पर तुमको चलाने चक्षुओं से,चुनके काँटें हृदय से अपने लगाने वे आ रहें हैं.....

Read more »
 
 
Top