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manto letter to nehru नेहरू के नाम मंटो का खत सआदत हसन मंटो
manto letter to nehru नेहरू के नाम मंटो का खत सआदत हसन मंटो

पंडित जी, अस्सलाम अलैकुम। यह मेरा पहला खत है जो मैं आपको भेज रहा हूँ। आप माशा अल्लाह अमरीकनों में बड़े हसीन माने जाते हैं। लेकिन...

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तेरे बारे में जब सोचा नहीं था - मेराज फैजाबादी
तेरे बारे में जब सोचा नहीं था - मेराज फैजाबादी

तेरे बारे में जब सोचा नहीं था मैं तन्हा था मगर इतना नहीं था तेरी तस्वीर से करता था बातें मेरे कमरे में आईना नहीं था समंदर ने मुझे प्य...

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एक टूटी हुई ज़ंजीर की फ़रियाद हैं हम - मेराज फैजाबादी
एक टूटी हुई ज़ंजीर की फ़रियाद हैं हम - मेराज फैजाबादी

एक टूटी हुई ज़ंजीर की फ़रियाद हैं हम और दुनिया ये समझती है के आज़ाद हैं हम क्यों हमें लोग समझते हैं यहाँ परदेसी इक मुद्दत से इसी शहर में आ...

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इस दर्ज़ा हुआ ख़ुश के डरा दिल से बहुत मैं - बाक़र  मेहंदी
इस दर्ज़ा हुआ ख़ुश के डरा दिल से बहुत मैं - बाक़र मेहंदी

इस दर्ज़ा हुआ ख़ुश के डरा दिल से बहुत मैं ख़ुद तोड़ दिया बढ़ के तमन्नाओं का धागा ता-के न बनूँ फिर कहीं इक बंद-ए-मजबूर हाँ कैद़-ए-मोहब्ब...

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takseen - gulzar तकसीन गुलज़ार
takseen - gulzar तकसीन गुलज़ार

भारत-पाकिस्तान विभाजन का दर्द जिन्होंने महसूस किया होगा उसको शब्दों में बयान करना लगभग नामुमकिन है। वैसे विभाजन पर बहुत सारी कहानिया है जिनम...

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sinhasan battisi - 4 सिंहासन बत्तीसी पांचवी आखिरी किस्त
sinhasan battisi - 4 सिंहासन बत्तीसी पांचवी आखिरी किस्त

पिछले भाग आप यहाँ पढ़ सकते है पहली किश्त   दूसरी किश्त तीसरी किश्त चौथी  किस्त ************* " आप यहाँ से भी पूरी सिंहास...

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मेरे ख्वाबों के झरोखों को सजाने वाली - साहिर लुधियानवी
मेरे ख्वाबों के झरोखों को सजाने वाली - साहिर लुधियानवी

मेरे ख्वाबों के झरोखों को सजाने वाली तेरे ख्वाबों में कही मेरा गुजर है कि नहीं पूछकर अपनी निगाहों से, बता दे मुझको मेरी रातो में मुकद्द...

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