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गुम जो यादों की डायरी हो जाए - राज़िक़ अंसारी
गुम जो यादों की डायरी हो जाए - राज़िक़ अंसारी

गुम जो यादों की डायरी हो जाए ख़ाली ख़ाली ये ज़िंदगी हो जाए आ चुका वक़्त गर जुदाई का काम ये भी हंसी ख़ुशी हो जाए आँसुओं के दिये जलाते च...

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paanch poot bharat mata बाकी बच गया अंडा बाबा नागार्जुन
paanch poot bharat mata बाकी बच गया अंडा बाबा नागार्जुन

पाँच पूत भारतमाता के, दुश्मन था खूंखार गोली खाकर एक मर गया,बाकी रह गये चार चार पूत भारतमाता के, चारों चतुर-प्रवीन देश-निकाला मिला एक को,...

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pavitrata ka doura पवित्रता का दौरा हरिशंकर परसाई
pavitrata ka doura पवित्रता का दौरा हरिशंकर परसाई

सुबह की डाक से चिट्ठी मिली, उसने मुझे इस अहंकार में दिन-भर उड़ाया कि मैं पवित्र आदमी हूं क्योंकि साहित्य का काम एक पवित्र काम है। दिन-भर मैं...

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कुछ आदमी से हो नहीं सकता - दाग देहलवी
कुछ आदमी से हो नहीं सकता - दाग देहलवी

जो हो सकता है इस से वो किसी से हो नहीं सकता मगर देखो तो फिर कुछ आदमी से हो नहीं सकता न रोना है तरीके का न हसना है सलीके का परेशानी में क...

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सरफिरे लोग हमें दुश्मन-ए-जाँ कहते हैं - मुनव्वर राना
सरफिरे लोग हमें दुश्मन-ए-जाँ कहते हैं - मुनव्वर राना

स्वतंत्रता दिवस की आप सबको हार्दिक बधाई सरफिरे लोग हमें दुश्मन-ए-जाँ कहते हैं हम जो इस मुल्क की मिट्टी को भी माँ कहते हैं हम पे जो बी...

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bhagat singh भगत सिंह..... मिथिलेश बरिया
bhagat singh भगत सिंह..... मिथिलेश बरिया

मार्च २३ १९३१ ... करीब... अस्सी साल बीत गए थे... वो लाहोर जेल के बाहर आज फिर खडा था... अब भी उसे वो दिन याद था... बहुत भीड़ थी जेल के बाहर.....

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दूर से आये थे साकी सुनके मयखाने को हम - नजीर अकबराबादी
दूर से आये थे साकी सुनके मयखाने को हम - नजीर अकबराबादी

दूर से आये थे साकी सुनके मयखाने को हम बस तरसते ही चले अफ़सोस पैमाने को हम मय भी है मीना भी है, सागर भी है साकी नहीं दिल में आता है लगा दे...

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जिंदगी में हमारी अगर दुशवारियाँ नहीं होती - कविता रावत
जिंदगी में हमारी अगर दुशवारियाँ नहीं होती - कविता रावत

आप भोपाल के रहने वाले है और अभी भोपाल के स्कूल में कार्यरत है ।  जिंदगी में हमारी अगर दुशवारियाँ नहीं होती हमारे हौसलों पर लोगों को हैरानिय...

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मोहब्बतो का शायर - शकील बदायुनी
मोहब्बतो का शायर - शकील बदायुनी

ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया जाने क्यों आज तेरे नाम पे रोना आया ये शेर कहने वाले शायर का नाम तो आप सबको पता ही होगा जी हा शकील बदायुनी...

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दुआओं की रात - मीना कुमारी नाज़
दुआओं की रात - मीना कुमारी नाज़

आज मीना कुमारी के जन्म दिवस के अवसर पर पेश है उनकी यह आज़ाद नज्म दुआओं की रात दुआओं की यह रात आज की रात 'बहुत रातो के बाद आई है'...

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