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जिंदगी इस तरह गुजारते है - ज़हीर अब्बास
जिंदगी इस तरह गुजारते है - ज़हीर अब्बास

जिंदगी इस तरह गुजारते है कर्ज है और उसे उतारते है वस्ल पे शर्त बाँध लेते है और यह शर्त रोज हारते है आयनों में तो अक्स है खुद का लोग...

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कुछ तो रात का ग़म था लोगों कुछ मेरी तन्हाई थी- रुखसाना सिद्दीकी
कुछ तो रात का ग़म था लोगों कुछ मेरी तन्हाई थी- रुखसाना सिद्दीकी

कुछ तो रात का ग़म था लोगों कुछ मेरी तन्हाई थी दिल तो मेरा अपना ही था लेकिन प्रीत पराई थी अबके बरस ये कैसा मौसम कैसी रूत ये आई थी बाहर सा...

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aankho se kah diya karo कुछ बातें हम से किया करो विवेक अरोरा
aankho se kah diya karo कुछ बातें हम से किया करो विवेक अरोरा

कुछ बातें हम से सुना करो, कुछ बातें हम से किया करो, मुझे दिल की बात बता दो तुम, होंठ ना अपने सिया करो, जो बात लबों तक ना आए, वो आंखों से कह ...

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राक्षस था न खुदा था पहले- निदा फाज़ली
राक्षस था न खुदा था पहले- निदा फाज़ली

राक्षस था न खुदा था पहले आदमी कितना बड़ा था पहले आसमां, खेत, समंदर, सब लाल खून कागज पे उगा था पहले मै वो मक्तूल जो क़ातिल न बना हाथ मे...

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खुद को क्यूँ जिस्म का ज़िन्दानी करें - अब्दुल अहद साज़
खुद को क्यूँ जिस्म का ज़िन्दानी करें - अब्दुल अहद साज़

खुद को क्यूँ जिस्म का ज़िन्दानी करें फिक्र को तख़्त-ए-सुलेमानी करें देर तक बैठ के सोचें खुद को आज फिर घर में बियाबानी करें अपने कमरे म...

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चलते-चलते रुका करे कोई -  परवेज़ वारिस
चलते-चलते रुका करे कोई - परवेज़ वारिस

चलते-चलते रुका करे कोई इक तमाशा खड़ा करे कोई सुस्त रफ़्तार हम नहीं लेकिन भीड़ इतनी है क्या करे कोई लुत्फ़ आये जो चांदनी में कभी बनके खुश...

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राह देखेंगे न दुनिया से गुजरने वाले - दाग देहलवी
राह देखेंगे न दुनिया से गुजरने वाले - दाग देहलवी

राह देखेंगे न दुनिया से गुजरने वाले हम तो जाते है ठहर जाए ठहरने वाले एक तो हुस्न बला उस पे बनावट आफत घर बिगडेंगे हजारों के सवरने वाले ...

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साहिर की शायरी
साहिर की शायरी

साहिर लुधियानवी 1940 से आज तक ज़हनों को चौंकाये रखने वाले शायर का नाम है। उनकी शायरी लोक चेतना में रस घोलती है और दुनिया और जीवन के रहस्य का...

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बस दो चार अफवाहें उड़ा दो -  अरमान खान
बस दो चार अफवाहें उड़ा दो - अरमान खान

बस दो चार अफवाहें उड़ा दो यहाँ जब चाहे दंगा करा दो रोटी-वोटी लोग भूल जायेंगे बस मंदिर-मस्जिद मुद्दा उठा दो भडकाना हो अगर बेवकूफों को ...

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हर कदम नित नए सांचे में ढल जाते है लोग - हिमायत अली शायर
हर कदम नित नए सांचे में ढल जाते है लोग - हिमायत अली शायर

हर कदम नित नए सांचे में ढल जाते है लोग देखते ही देखते, कितने बदल जाते है लोग किसलिए कीजे किसी गुमगश्ता जन्नत की तलाश जबकि मिटटी के खिल...

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वो भी क्या लोग थे आसान थी राहें जिनकी - आले अहमद सुरूर
वो भी क्या लोग थे आसान थी राहें जिनकी - आले अहमद सुरूर

वो भी क्या लोग थे आसान थी राहें जिनकी बन्द आँखें किये इक सिम्त चले जाते थे अक़्ल-ओ-दिल ख़्वाब-ओ-हक़ीक़त की न उलझन न ख़लिश मुख़्तलिफ़ जलवे निगाह...

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जो था वो न था- परवेज़ वारिस
जो था वो न था- परवेज़ वारिस

सिर्फ धोखा था कोई तेरा कि जो था वो न था मैंने सोचा था तुझे जैसा कि जो था वो न था मंजिलो की जुस्तजू में घर से मै निकला मगर था सभी कुछ ठी...

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वो ख़ुश्बू बदन थी - स्वप्निल तिवारी आतिश
वो ख़ुश्बू बदन थी - स्वप्निल तिवारी आतिश

वो ख़ुश्बू बदन थी मगर ख़ुद में सिमटी सी इक उम्र तक यूँ ही बैठी रही बस इक लम्स की मुन्तज़िर उसे एक शब ज्यों ही मैंने छुआ, उससे तितली उड़ी, फ...

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हर एक धडकन अजब आहट- अब्दुल अहद साज़
हर एक धडकन अजब आहट- अब्दुल अहद साज़

हर एक धडकन अजब आहट परिंदों जैसी घबराहट मिरे लहजे में शीरीनी मिरी आँखों में कड़वाहट मिरी पहचान है शायद मिरे हिस्से कि उकताहट सिमटता ...

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गाँव हमारा डूब गया- परवेज़ मुजफ्फर
गाँव हमारा डूब गया- परवेज़ मुजफ्फर

Parvez Muzaffar एक-एक मस्जिद, सारे मंदिर, हर गुरुद्वारा डूब गया बिजली घर का बाँध बना तो गाँव हमारा डूब गया बस्ती वालों से कहता था घबरा...

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कितना अच्छा था वह बचपन - अतीक इलाहाबादी
कितना अच्छा था वह बचपन - अतीक इलाहाबादी

उनके आँगन बरसा सावन गिनना छोडो दिल की धडकन उसके आंसू मेरा दामन गम है लाज़िम कैसी उलझन उनके चर्चे गुलशन गुलशन बस्ती में है घर-घर रावन कि...

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एक क़तरा मलाल भी बोया नहीं गया  - फरहत अब्बास शाह
एक क़तरा मलाल भी बोया नहीं गया - फरहत अब्बास शाह

एक क़तरा मलाल भी बोया नहीं गया वोह खौफ था के लोगों से रोया नहीं गया यह सच है के तेरी भी नींदें उजड़ गयीं तुझ से बिछड़ के हम से भी सोया नहीं...

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जगती रात अकेली सी लगे- अब्दुल अहद साज़
जगती रात अकेली सी लगे- अब्दुल अहद साज़

जगती रात अकेली सी लगे जिंदगी एक पहेली सी लगे रूप का रंग महल, ये दुनिया एक दिन सुनी हवेली सी लगे हमकलामी तिरी खुश आये इसे शायरी तेरी स...

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हर इंसान बराबर है - मुज़फ्फ़र हनफ़ी
हर इंसान बराबर है - मुज़फ्फ़र हनफ़ी

चीनी हो जापानी हो रूसी हो ईरानी हो बाशिंदा हो लंका का या वो हिंदुस्तानी हो सब का मान बराबर है हर इंसान बराबर है अनवर हो ...

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क्या लिखू क्या मंज़र है - रऊफ रज़ा
क्या लिखू क्या मंज़र है - रऊफ रज़ा

क्या लिखू क्या मंज़र है फूल के हाथ में पत्थर है ऐसी बारिश ऐसी हवा सारा गुस्सा मुझ पर है प्यासा है तो प्यास दिखा तू कोई पैगम्बर है दी...

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बस एक नूर झलकता हुआ नज़र आया- जगन्नाथ आज़ाद
बस एक नूर झलकता हुआ नज़र आया- जगन्नाथ आज़ाद

बस एक नूर झलकता हुआ नज़र आया फिर उसके बाद न जाने चमन पे क्या गुजरी मै काश तुमको अहले-वतन बता सकता वतन से दूर किसी बे-वतन पे क्या गुजरी ...

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मैंने देखा चेहरा चेहरा- महवर नूरी
मैंने देखा चेहरा चेहरा- महवर नूरी

मैंने देखा चेहरा चेहरा सबसे अच्छा तेरा चेहरा अपनी किस्मत में लिखा है दूर से तकते रहना चेहरा अच्छा लगता और ज्यादा उसका रूठा-रूठा चेहर...

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कुछ दिन तो बसो मेरी आँखों में- अब्दुल क़लीम
कुछ दिन तो बसो मेरी आँखों में- अब्दुल क़लीम

कुछ दिन तो बसो मेरी आँखों में फिर ख़्वाब अगर हो जाओ तो क्या कोई रंग तो दो मेरे चेहरे को फिर ज़ख़्म अगर महकाओ तो क्या इक आईना था सो टूट ग...

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अब वतन आज़ाद है- साहिर लुधियानवी
अब वतन आज़ाद है- साहिर लुधियानवी

अब कोई गुलशन ना उजड़े अब वतन आज़ाद है रूह गंगा की हिमालय का बदन आज़ाद है खेतियाँ सोना उगाएँ, वादियाँ मोती लुटाएँ आज गौतम की ज़मीं, तुलस...

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लिपट जाता हू माँ से और मौसी मुस्कुराती है- मुनव्वर राना
लिपट जाता हू माँ से और मौसी मुस्कुराती है- मुनव्वर राना

!!!आप सभी को रक्षाबंधन  की शुभकामनाए!!! लिपट जाता हू माँ से और मौसी मुस्कुराती है मै उर्दू मै ग़ज़ल कहता हू हिंदी मुस्कुराती है उछलते-ख...

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रोज कुर्ते ये कलफदार कहाँ से लाऊ- हसीब सोज़
रोज कुर्ते ये कलफदार कहाँ से लाऊ- हसीब सोज़

रोज कुर्ते ये कलफदार कहाँ से लाऊ तेरे मतलब का मै किरदार कहाँ से लाऊ दिन निकलता है तो सौ काम निकल आते है ऐ खुदा इतने मददगार कहाँ से लाऊ ...

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ए दिल तुझे हुआ क्या है
ए दिल तुझे हुआ क्या है

कई बरसो से यह बात चलती आ रही है कि आदमी को दिल से सोचना चाहिए या दिमाग से | और कहा जाता है दिल तो पागल है दिल का क्या है | कई वर्षों के बा...

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गुलिस्ता की हद तोड़ पाए तो जानू - पूनम कौसर
गुलिस्ता की हद तोड़ पाए तो जानू - पूनम कौसर

गुलिस्ता की हद तोड़ पाए तो जानू महक मेरे घर तक भी आए तो जानू सुबह वक्त सूरज को सब पूजते है कोई शाम को सर झुकाए तो जानू तू माहिर है ! हस...

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barsate hue sawan me बरसते हुए सावन में बदनाम शायर वरुण मित्तल
barsate hue sawan me बरसते हुए सावन में बदनाम शायर वरुण मित्तल

बरसते हुए सावन में आज वो पुराने दरख्त टूट गए वो जिनकी तन्हाइयो की छाया में कई राहगीरों की रहगुजर थी वो जिनके बिखरे साये में किसी के बचपन की ...

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तुमने तो कह दिया - नोशी गिलानी
तुमने तो कह दिया - नोशी गिलानी

Noshi Gilani तुमने तो कह दिया कि मोहब्बत नहीं मिली मुझको तो ये भी कहने की मोहलत नहीं मिली नींदों के देस जाते, कोई ख्वाब देखते लेकिन द...

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sherlock holmes story मौत का बीज शेरलॉक होम्स कहानी
sherlock holmes story मौत का बीज शेरलॉक होम्स कहानी

शेरलॉक होम्स के बारे में तो आप सब जानते ही होंगे कुछ ने उनकी कहानिया पढ़ी होगी तो कुछ ने उन पर बनी फिल्म को देखा होगा | इस जासूसी किरदार क...

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