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मेरी वफाये याद करोगे, रोओगे फरयाद करोगे ?
मुझको तो बर्बाद किया है, और किसे बर्बाद करोगे ?

हम भी हसेंगे तुम पर एक दिन, तुम भी कभी फरयाद करोगे ?
महफ़िल की महफ़िल है गमगीं, किस किस का दिल शाद करोगे ?

दुश्मन तक को भूल गए हो, मुझको तुम क्या याद करोगे ?
खत्म हुई दुश्मन तराज़ी, या कुछ और इरशाद करोगे ?

जाकर भी नाशाद किया था, आकर भी नाशाद करोगे ?
छोडो भ तासीर की बाते, कब तक उसको याद करोगे ? - मुहम्मद बिन तासीर

मायने 
शाद=प्रसन्न, तराज़ी=गाली देना, इरशाद=कहना, नाशाद= दुखी

Roman

meri wafaye yaad karoge, rooge faryaad karoge
mujhko to barbad kiya hai, aur kise barbad karoge

ham bhi hasenge tum par ek din, tum bhi kabhi faryad karoge
mahfil ki mahfil hai gamgeen, kis kis ka dil shaad karoge

dushman tak ko bhool gaye ho, mujhko tum kya yaad karoge
khatm hui dushman tarazi, ya kuch aur irshad karoge

jakar bhi nashad kiya tha, aakar bhi nashad karoge
chhodo bhi "Taseer" ki baate, kab tak usko yaad karoge- Mohmmad Bin Taseer

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  1. Isn't some part of this gazal from the film sainik , lyrics by sameer?

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  2. हा पर आपके कहने के ठीक उलट सैनिक फिल्म का गीत जो की समीर ने लिखा है वो इस ग़ज़ल से प्रेरित है ये काफी मशहूर शायर थे और उनकी यह ग़ज़ल 1962 से पहले ही कई उर्दू रिसालो और किताबो में छप चुकी थी चुकी आपकी मृत्यु ही 1950 में हो चुकी थी |

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