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जब से गई है माँ मेरी, रोया नहीं
बोझिल हैं पलकें फिर भी मैं सोया नहीं

ऐसा नहीं आँखे मेरी नम हुई न हों,
आँचल नहीं था पास फिर रोया नहीं

साया उठा है माँ का मेरे सर से जब,
सपनों की दुनिया में कभी खोया नहीं

यादें न मिट जाएं मेरे दिल से कहीं,
बीतें हैं बरसों मन कभी धोया नहीं

चाहत है दुनिया में सभी कुछ पाने की,
पायेगा तूँ कैसे वो जो बोया नहीं - कवि कुलवंत सिंह

Roman
jab se gai ghai maa meri, roya nahi
bojhil hai palke phir bhi mai soya nahi

aisa nahi aankhe meri nam hui n ho
aanchal nahi th apaas fir roya nahi

saya utha hai maa ka mere sar se jab,
sapno ki duniya me kabhi khoya nahi

yade n mit jaye mere dil se kahi
beete hai barso man kabhi dhoya nahi

chahat hai duniya me sabhi kuch pane ki
payega tu kaise wo jo boya nahi - Kavi Kulwant Singh

परिचय - कवि कुलवंत सिंह
जन्म तिथि : 11/01/1967
जन्म स्थान : रूड़की, उत्तरांचल
प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा : करनैलगंज, गोण्डा (उ. प्र.)
उच्च शिक्षा : अभियांत्रिकी, आई आई टी रुड़की (रजत पदक एवं 3 अन्य पदक)
पुस्तकें प्रकाशित :
1. निकुंज (काव्य संग्रह)
2. परमाणु एवं विकास (अनुवाद)
3. विज्ञान प्रश्न मंच
4. चिरंतन काव्य संग्रह
5. शहीद-ए-आज़म भगत सिंह काव्य
पुस्तक (प्रकाशनाधीन) : कण - क्षेपण
रचनाएं प्रकाशित : साहित्यिक पत्रिकाओं, परमाणु ऊर्जा विभाग, राजबाषा विभाग, केंद्र सरकार की विभिन्न गृह पत्रिकाओं, वैज्ञानिक, आविष्कार, अंतरजाल पत्रिकाओं में अनेक साहित्यिक एवं वैज्ञानिक रचनाएं प्रकाशित
पुरुस्कृत : काव्य, लेख, विज्ञान लेखों, विभागीय हिंदी सेवाओं के लिए विभिन्न संस्थाओं द्वारा पुरुस्कृत
सेवाएं : हिंदी विज्ञान साहित्य परिषद से 15 वर्षों से संबंधित , व्यवस्थापक : वैज्ञानिक त्रैमासिक पत्रिका,
विज्ञान प्रश्न मंचों का परमाणु ऊर्जा विभाग एवं अन्य संस्थानों के लिए अखिल भारत स्तर पर आयोजन
क्विज मास्टर, कवि सम्मेलनों में काव्य पाठ
मानव सेवा धर्म : डायबिटीज, जोड़ों का दर्द इत्यादि का मुफ्त एवं स्थाई इलाज
संप्रति : वैज्ञानिक अधिकारी, पदार्थ संसाधन प्रभाग, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र
मुंबई - 400085
निवास : 2 डी, बद्रीनाथ, अणुशक्ति नगर, मुंबई 400094
फोन : 022-25595378 (O) / 09819173477 (R)
ई मेल : kavi.kulwant@gmail.com
अन्य कविताएं :
http://kavikulwant.blogspot.com/ www.PoetryPoem.com/kavkulwant

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