0
अब तो ये भी नहीं रहा एहसास - जिगर मुरादाबादी
अब तो ये भी नहीं रहा एहसास - जिगर मुरादाबादी

अब तो ये भी नहीं रहा एहसास दर्द होता है या नहीं होता इश्क़ जब तक न कर चुके रुस्वा आदमी काम का नहीं होता टूट पड़ता है दफ़अ'तन जो...

Read more »

0
चलो चल कर वहीं पर बैठते हैं  - राज़िक़ अंसारी
चलो चल कर वहीं पर बैठते हैं - राज़िक़ अंसारी

चलो चल कर वहीं पर बैठते हैं जहां पर सब बराबर बैठते हैं न जाने क्यों घुटन सी हो रही है बदन से चल के बाहर बैठते हैं हमारी हार का ऐलान ह...

Read more »

1
कहाँ है मेरा हिन्दोस्तान  - अजमल सुल्तानपुरी
कहाँ है मेरा हिन्दोस्तान - अजमल सुल्तानपुरी

सभी पाठकों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाए मुसलमाँ और हिन्दू की जान  कहाँ है मेरा हिन्दोस्तान  मैं उस को ढूँढ रहा हूँ  म...

Read more »

0
आज़ादी
आज़ादी

शेरों को आज़ादी है आज़ादी के पाबंद रहें जिसको चाहें चीरें फाड़ें खायें पियें आनंद रहें शाहीं को आज़ादी है आज़ादी से परवाज़ करे नन्ही मु...

Read more »

1
हमारा झंडा - मजाज़ लखनवी
हमारा झंडा - मजाज़ लखनवी

शेर हैं चलते हैं दर्राते हुए बादलों की तरह मंडलाते हुए ज़िंदगी की रागिनी गाते हुए आज झंडा है हमारे हाथ में हाँ यह सच है भूक से हैरान ह...

Read more »

0
उसको पढ़ने को जी मचलता है - आदिल लखनवी
उसको पढ़ने को जी मचलता है - आदिल लखनवी

उसको पढ़ने को जी मचलता है, हुस्न उसका किताब जैसा है । तुम चिराग़ों की बात करते हो, हमने सूरज को बुझते देखा है । खाक उड़़कर जमीं पे आत...

Read more »

1
तेरा सब कुछ मेरे अंदर बम भोले, - आलोक श्रीवास्तव
तेरा सब कुछ मेरे अंदर बम भोले, - आलोक श्रीवास्तव

तेरा सब कुछ मेरे अंदर बम भोले, मंदिर मस्जिद कंकर पत्थर बम भोले घर से दूर न भेज मुझे रोटी लाने, सात गगन हैं, सात समंदर बम भोले कल सपने...

Read more »

2
मेरी वफाये याद करोगे, रोओगे फरयाद करोगे ? - मुहम्मद बिन तासीर
मेरी वफाये याद करोगे, रोओगे फरयाद करोगे ? - मुहम्मद बिन तासीर

मेरी वफाये याद करोगे, रोओगे फरयाद करोगे ? मुझको तो बर्बाद किया है, और किसे बर्बाद करोगे ? हम भी हसेंगे तुम पर एक दिन, तुम भी कभी फरयाद क...

Read more »

1
तुम मुझे छोड़ के मत जाओ मेरे पास रहो, - शबीना अदीब
तुम मुझे छोड़ के मत जाओ मेरे पास रहो, - शबीना अदीब

तुम मुझे छोड़ के मत जाओ मेरे पास रहो, दिल दुखे जिससे अब ऐसी न कोई बात कहो, रोज़ रोटी के लिए अपना वतन मत छोड़ो, जिसको सींचा है लहू से वो च...

Read more »

0
एक साग़र भी इनायत न हुआ याद रहे  - ब्रज नारायण चकबस्त
एक साग़र भी इनायत न हुआ याद रहे - ब्रज नारायण चकबस्त

एक साग़र भी इनायत न हुआ याद रहे । साक़िया जाते हैं, महफ़िल तेरी आबाद रहे ।। बाग़बाँ दिल से वतन को ये दुआ देता है, मैं रहूँ या न रहूँ ये...

Read more »

0
हम जौर भी सह लेंगे- अर्श मलसियानी
हम जौर भी सह लेंगे- अर्श मलसियानी

हम जौर भी सह लेंगे, मगर डर है तो यह है ज़ालिम को कभी फूलते-फलते नहीं देखा अहबाब की यह शाने-हरीफ़ाना सलामत दुश्मन को भी यूं ज़हर उगलते न...

Read more »

0
भुलाता लाख हूँ लेकिन बराबर याद आते हैं - हसरत मोहानी
भुलाता लाख हूँ लेकिन बराबर याद आते हैं - हसरत मोहानी

भुलाता लाख हूँ लेकिन बराबर याद आते हैं इलाही तर्के-उल्फ़त पर वो क्योंकर याद आते हैं न छेड़ ऐ हम नशीं कैफ़ीयते-सहबा के अफ़साने शराबे-बेख...

Read more »

0
वालिद पर फातिहा - निदा फाजली
वालिद पर फातिहा - निदा फाजली

आज आप सभी के निदा फाजली की लिखी रचना वालिद पर फातिहा पेश है  तुम्हारी कब्र पर मैं फातिहा पढ़ने नहीं आया मुझे मालूम था तुम मर नहीं सकत...

Read more »

1
लफ़्ज़ तोड़े मरोड़े ग़ज़ल हो गई - अल्हड़ बीकानेरी
लफ़्ज़ तोड़े मरोड़े ग़ज़ल हो गई - अल्हड़ बीकानेरी

अल्हड बीकानेरी अपनी अलग तरह की शायरी के लिए जाने जाते है आपका मूल नाम श्यामलाल शर्मा है आपको हरियाणा गौरव पुरस्कार, काका हाथरसी पुरस्कार भी...

Read more »

0
राहत इंदौरी की नई किताब मेरे बाद
राहत इंदौरी की नई किताब मेरे बाद

आंख में पानी रखो होंठों पे चिंगारी रखो, जिंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो ' जिंदगी की हकीकत और रूमानियत को लफ्जों में पिरोकर ...

Read more »

8
वे आ रहे है ... - ध्रुव सिंह एकलव्य
वे आ रहे है ... - ध्रुव सिंह एकलव्य

"वे आ रहें हैं" सत्य को प्रतिष्ठित बनाने मार्ग पर तुमको चलाने चक्षुओं से,चुनके काँटें हृदय से अपने लगाने वे आ रहें हैं.....

Read more »

0
कह दो मंदिर में चले आएँ पुजारी सारे  - कृष्ण बिहारी नूर
कह दो मंदिर में चले आएँ पुजारी सारे - कृष्ण बिहारी नूर

आज श्री कृष्ण बिहारी 'नूर' साहब की 14 वीं पुण्य तिथि है, उनकी स्मृतियाँ और आशीर्वाद हम सभी के साथ हैं,उनके साथ गुज़रे हुए पल अक्सर स...

Read more »

4
तुम नद्दी पर जा कर देखो चाँद - अफ़सर मेरठी
तुम नद्दी पर जा कर देखो चाँद - अफ़सर मेरठी

तुम नद्दी पर जा कर देखो जब नद्दी में नहाए चाँद कैसी लगाई डुबकी उस ने डर है डूब न जाए चाँद किरनों की इक सीढ़ी ले कर छम छम उतरा जाए ...

Read more »

0
मेरी बीवी क़ब्र में लेटी है - सय्यद ज़मीर जाफ़री
मेरी बीवी क़ब्र में लेटी है - सय्यद ज़मीर जाफ़री

पकिस्तान के मशहूर शायर ज़मीर जाफरी साहब आज ही के इस दुनिया को अलविदा कह गए थे आज उनकी एक मशहूर ग़ज़ल पेश है :- मेरी बीवी क़ब्र में लेटी है ...

Read more »

0
माँ के रहने पर ही पत्थर पर असर होता है - आतिश इंदौरी
माँ के रहने पर ही पत्थर पर असर होता है - आतिश इंदौरी

माँ के रहने पर ही पत्थर पर असर होता है झोपडी हो या क़िला तब कही घर होता है तर बतर कोई दुआओं से अगर होता है हर किसी के लिए वो शख्स शज़र हो...

Read more »

3
अम्मा - आलोक श्रीवास्तव
अम्मा - आलोक श्रीवास्तव

चिंतन दर्शन जीवन सर्जन, रूह नज़र पर छाई अम्मा सारे घर का शोर शराबा, सूनापन तनहाई अम्मा उसने खुद़ को खोकर मुझमें, एक नया आकार लिया है...

Read more »

0
मज़दूर की अज़मत  - मुज़फ्फर हनफ़ी
मज़दूर की अज़मत - मुज़फ्फर हनफ़ी

तेल निकालें रेत से ये ग़ल्ला बंजर खेत से ये ये तो हरफन मौला हैं आठूं गाँठ कमीत से ये बेशक दुनिया क़ायम हे मज़दूरों की मेहनत पर ...

Read more »

1
इन्हीं के हाथों सड़क पे हम तुम पड़े हुए हैं - इरतज़ा निशात
इन्हीं के हाथों सड़क पे हम तुम पड़े हुए हैं - इरतज़ा निशात

इन्हीं के हाथों सड़क पे हम तुम पड़े हुए हैं इन्हें बदल दो, ये रहनुमा सब सड़े हुए हैं हम और दुश्मन वतन के? फिरकापरस्त गुंडो! ये सारे क़िस्से...

Read more »

0
आज के दौर में ऐसा भी तो होता है बहुत - साजिद हाश्मी
आज के दौर में ऐसा भी तो होता है बहुत - साजिद हाश्मी

साजिद हाश्मी आपका जन्म 7 जनवरी 1955 को राजगढ़, ब्यावरा, म.प्र. में मुहम्मद हयात हाश्मी के यहाँ हुआ | आप वर्तमान में मध्यप्रदेश शासन के रा...

Read more »

0
जब से गई है माँ मेरी रोया नहीं - कवि कुलवंत सिंह
जब से गई है माँ मेरी रोया नहीं - कवि कुलवंत सिंह

जब से गई है माँ मेरी, रोया नहीं बोझिल हैं पलकें फिर भी मैं सोया नहीं ऐसा नहीं आँखे मेरी नम हुई न हों, आँचल नहीं था पास फिर रोया नहीं ...

Read more »

0
साफ़ ज़ाहिर है निगाहों से कि हम मरते हैं - अख्तर अंसारी
साफ़ ज़ाहिर है निगाहों से कि हम मरते हैं - अख्तर अंसारी

साफ़ ज़ाहिर है निगाहों से कि हम मरते हैं मुँह से कहते हुए ये बात मगर डरते हैं एक तस्वीर-ए-मुहब्बत है जवानी गोया जिस में रंगो की एवज़ ख़...

Read more »

0
बोले बग़ैर हिज्र का क़िस्सा सुना गया  - वीरेन्द्र खरे 'अकेला'
बोले बग़ैर हिज्र का क़िस्सा सुना गया - वीरेन्द्र खरे 'अकेला'

बोले बग़ैर हिज्र का क़िस्सा सुना गया सब दिल का हाल आपका चेहरा सुना गया इस दौर में किसी को किसी का नहीं लिहाज़ बातें हज़ार अपना ही बेटा ...

Read more »

0
मैं जो रास्ते पे चल पड़ी - मीना कुमारी नाज़
मैं जो रास्ते पे चल पड़ी - मीना कुमारी नाज़

आज यानि ३१ मार्च को मीना कुमारी जी की पुण्यतिथि है | आपको अपनी फ़िल्मी अदाकारी के लिए जाना जाता है पर अपने जीवन में देखे गए दर्दो ने आपको एक...

Read more »

0
अदावत दिल में रखते हैं मगर यारी दिखाते हैं - विरेन्द्र खरे अकेला
अदावत दिल में रखते हैं मगर यारी दिखाते हैं - विरेन्द्र खरे अकेला

अदावत दिल में रखते हैं मगर यारी दिखाते हैं न जाने लोग भी क्या क्या अदाकारी दिखाते हैं यक़ीनन उनका जी भरने लगा है मेज़बानी से वो कुछ दिन...

Read more »

0
आओ मिलकर गले इस नये साल में - अभिषेक कुमार अम्बर
आओ मिलकर गले इस नये साल में - अभिषेक कुमार अम्बर

आप सभी को गुडी पड़वा की हार्दिक शुभकामनाए आओ मिलकर गले इस नये साल में भूल जायें गिले इस नये साल में। घर न कोई जले इस नये साल में ...

Read more »

0
जब कुछ नहीं बना तो हमने इतना कर दिया - रमेश तैलंग
जब कुछ नहीं बना तो हमने इतना कर दिया - रमेश तैलंग

जब कुछ नहीं बना तो हमने इतना कर दिया.. खाली हथेली पर दुआ का सिक्का धर दिया। कब तक निभाते दुश्मनी हम वक्त से हर दिन इस बार जब मिला वो ...

Read more »

0
आया तेरा ख़याल कि आये हसीन ख़्वाब - विरेन्द्र खरे अकेला
आया तेरा ख़याल कि आये हसीन ख़्वाब - विरेन्द्र खरे अकेला

आया तेरा ख़याल कि आये हसीन ख़्वाब दिल में न जाने कितने समाये हसीन ख़्वाब उस हादसे में यार सभी कुछ तो लुट गया मुश्किल से जैसे तैसे बचाये...

Read more »

0
कर चुके हम फ़ैसला अब कुछ भी हो- राज़िक़ अंसारी
कर चुके हम फ़ैसला अब कुछ भी हो- राज़िक़ अंसारी

कर चुके हम फ़ैसला अब कुछ भी हो इश्क़ में इस दिल का यारब कुछ भी हो चारा साज़ों को नहीं कोई ग़रज़ दर्द बीमारों को मतलब कुछ भी हो हारने ...

Read more »

0
बिन साजन के सावन कैसा - धर्मेन्द्र राजमंगल
बिन साजन के सावन कैसा - धर्मेन्द्र राजमंगल

बारिश की बूंदों से जलती हीय में मेरे आज सुलगती पीपल के पत्तो की फडफड, जैसे दिल की धडकन धडधड चूल्हे पर चढ़ गयी कढाई, दूर हुई दिल की तन्हाई ...

Read more »

0
चाँद में इतनी जुर्रत कहाँ है - आतिफ
चाँद में इतनी जुर्रत कहाँ है - आतिफ

सामने हों गर आँखे तेरी तो समन्दर की ज़रूरत कहाँ है लिपटी हो मेरे सीने से तू तो फिर कोई और हसरत कहाँ है ढूँढता फिर रहा था जिस जन्नत को इ...

Read more »

0
ना जाने क्यूं लड़कियों के अपने घर नहीं होते - शकुंतला सरुपरिया
ना जाने क्यूं लड़कियों के अपने घर नहीं होते - शकुंतला सरुपरिया

ना जाने क्यूं लड़कियों के अपने घर नहीं होते जो उड़ना चाहें अंबर पे, तो अपने पर नहीं होते आंसू दौलत, डाक बैरंग, बंजारन-सी जिंदगानी सिवा ...

Read more »

0
महकते गुलशनों में तितलियाँ आती ही आती हैं  - वीरेन्द्र खरे 'अकेला'
महकते गुलशनों में तितलियाँ आती ही आती हैं - वीरेन्द्र खरे 'अकेला'

महकते गुलशनों में तितलियाँ आती ही आती हैं अगर दिल साफ़ रक्खो नेकियाँ आती ही आती हैं मैं उससे कम ही मिलता हूँ, सुना है मैंने लोगों से ज़िय...

Read more »

0
करें जब पाँव खुद नर्तन, समझ लेना कि होली है - नीरज गोस्वामी
करें जब पाँव खुद नर्तन, समझ लेना कि होली है - नीरज गोस्वामी

करें जब पाँव खुद नर्तन, समझ लेना कि होली है हिलोरें ले रहा हो मन, समझ लेना कि होली है किसी को याद करते ही अगर बजते सुनाई दें कहीं घुँ...

Read more »

0
तीन औरते - मुहम्मद अल्वी
तीन औरते - मुहम्मद अल्वी

अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर मुहम्मद अल्वी साहब की लिखी एक नज्म पेश है : घर से बाहर आँगन में खाट पे बैठी तीन औरतें खुसुर-पुसुर करती है...

Read more »
 
 
Top