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नन्ही पुजारन - मजाज़ लखनवी
नन्ही पुजारन - मजाज़ लखनवी

मजाज़ साहब की एक ऐसी नज़्म जिसे महात्मा गांधी भी पसंद करते थे और मजाज़ ने उनके सामने यह नज्म पढ़ी थी । ...

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चांदनी रात में कुछ भीगे ख़्यालों की तरह-फ़िरदौस ख़ान
चांदनी रात में कुछ भीगे ख़्यालों की तरह-फ़िरदौस ख़ान

चांदनी रात में कुछ भीगे ख़्यालों की तरह मैंने चाहा है तुम्हें दिन के उजालों की तरह साथ तेरे जो गुज...

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मजदूरों का कोरस - कैफ भोपाली
मजदूरों का कोरस - कैफ भोपाली

आज मजदूर दिवस के मौके पर कैफ भोपाली साहब की एक नज्म पेश है या यूं कहे कोरस है " मजदूरों का कोरस...

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