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जिस शहर में भी रहना उकताये हुए रहना - मुनीर नियाजी
जिस शहर में भी रहना उकताये हुए रहना - मुनीर नियाजी

बेचैन बहुत फिरना घबराये हुए रहना इक आग सी जज़बों की बहकाये हुए रहना छलकाये हुए चलना ख़ुश्बू लब-ए-लाली की इक बाग़ सा साथ अपने महकाये हुए...

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सितम देखो कि जो खोटा नहीं है- प्रखर मालवीय 'कान्हा'
सितम देखो कि जो खोटा नहीं है- प्रखर मालवीय 'कान्हा'

सितम देखो कि जो खोटा नहीं है चलन में बस वही सिक्का नहीं है नमक ज़ख्मों पे अब मलता नहीं है ये लगता है वो अब मेरा नहीं है यहाँ पर सिलसिला...

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सोचते हैं तो कर गुजरते हैं- परवीन फ़ना सैयद
सोचते हैं तो कर गुजरते हैं- परवीन फ़ना सैयद

सोचते हैं तो कर गुजरते हैं हम तो मंझधार में उतरते हैं मौत से खेलते हैं हम, लेकिन ग़ैर की बंदगी से डरते हैं जान अपनी तो है हमें भी अज़...

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सख्त हालातों में हम इंसान हो गए - नीरज अहूजा
सख्त हालातों में हम इंसान हो गए - नीरज अहूजा

सख्त हालातों में हम इंसान हो गए बुरा वक्त निकलते ही हम बेईमान हो गए जिसको भी देखा तेरी उल्फत के दरवाजे पर सभी के सभी अब भगवान हो गए मह...

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वतन की आग बुझाओ - अल्लामा इकबाल
वतन की आग बुझाओ - अल्लामा इकबाल

वतन की आग बुझाओ .... वतन की आग बुझाओ छोड़ के नफरत मिलजुल कर सब होली ईद मनाओ अबुल कलाम आज़ाद की ये सौगात ना जलने देंगे मुंबई हो के दिल्ल...

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