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पूछो न उससे कौन है, आता कहाँ से है
दिल की कहानी देखो, सुनाता कहाँ से है

आवाज़ गूँजती है हमेशा इक आस-पास
है कौन मेरा, और बुलाता कहाँ से है

लमहा खु़शी का हो कि दुखों का कि हिज्र का
आँसू हमारी आँख में आता कहाँ से है

घर ले लिया है अब की उसी के पड़ोस में
इस बार देखें आग लगाता कहाँ से है

उसकी तरक्कियो की कहानी में, मैं भी हूँ
अब देखना है ये कि सुनाता कहाँ से है

चेहरे की लालिमा से यक़ीं हो गया हमें
सूरज ये रोज़ सुबह् को आता कहाँ से है

तूने ग़ज़ल पढ़ी तो ‘अतुल’ कुछ ने दाद दी
कुछ लोग सोचने लगे लाता कहाँ से है - अतुल अजनबी

Roman

puchho n usse koun hai, aata kaha se hai
dil ki kahani dekho, sunata kaha se hai

awaz gunjati hai hamesha ik aas-pas
hai koun mera, aur bulata kaha se hai

ghar le liya hai ab ki usi ke pados me
is baar dekhe aag lagata kaha se hai

uski tarkkiyo ki kahani me, mai bhi hu
ab dekhna hai ye ki sunata kaha se hai

chehre ki lalima se yakeen ho gaya hame
suraj ye roz subah aata kaha se hai

tune ghazal padhi to 'Atul' kuch ne daad di
kuch log sochne lage lata kaha se hai - Atul Ajnabi
#jakhira

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