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हिन्दू या मुस्लिम के अहसासात को मत छेड़िये
हिन्दू या मुस्लिम के अहसासात को मत छेड़िये

हिन्दू या मुस्लिम के अहसासात को मत छेड़िये अपनी कुरसी के लिए जज्बात को मत छेड़िये हममें कोई हूण, कोई शक, कोई मंगोल है दफ़्न है जो बात,...

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हसते हुए माँ-बाप की गाली नहीं खाते - मुनव्वर राना
हसते हुए माँ-बाप की गाली नहीं खाते - मुनव्वर राना

हसते हुए माँ-बाप की गाली नहीं खाते बच्चे है तो क्यो शौक से मिट्ठी नहीं खाते तुझ से नहीं मिलने का इरादा तो है लेकिन तुझसे न मिलेंगे ये क...

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खुद को इतना भी मत बचाया करो - शक़ील आज़मी
खुद को इतना भी मत बचाया करो - शक़ील आज़मी

खुद को इतना भी मत बचाया करो बारिशे हो तो भीग जाया करो चाँद लाकर कोई नहीं देगा अपने चेहरे से जगमगाया करो दर्द हीरा है दर्द मोती है दर...

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