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कुछ तो अपनी निशानिया रख जा
कुछ तो अपनी निशानिया रख जा

कुछ तो अपनी निशानिया रख जा इन किताबो में तितलिया रख जा लोग थक हार कर लौट न जाये रास्ते में कहानिया रख जा मुन्तजिर कोई तो मिले तुझको ...

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तेज हो धुप तो कुछ और निखर आयेंगे
तेज हो धुप तो कुछ और निखर आयेंगे

तेज हो धुप तो कुछ और निखर आयेंगे हम कोई फुल नहीं है के जो मुरझाएंगे नींद रूठे हुए लोगो को मना लाई है आँख खोलूँगा तो ये फिर से बिछड जाये...

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इश्क़ की मार बड़ी दर्दीली - गणेश बिहारी तर्ज
इश्क़ की मार बड़ी दर्दीली - गणेश बिहारी तर्ज

इश्क़ की मार बड़ी दर्दीली, इश्क़ में जी न फ़साना जी सब कुछ करना इश्क़ न करना, इश्क़ से जान बचाना जी वक़्त न देखे, उम्र न देखे, जब चाहे मज...

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