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मुहब्बतो का वो छोटा सा सिलसिला ही गया
मुहब्बतो का वो छोटा सा सिलसिला ही गया

मुहब्बतो का वो छोटा सा सिलसिला ही गया वो अजनबी था मिरे शहर से चला ही गया ज़रा सी देर को उसका ख्याल आया तो वो रौशनी की तरह मुझमे फैलता ही ...

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कहाँ ले जाऊँ दिल- अकबर इलाहाबादी
कहाँ ले जाऊँ दिल- अकबर इलाहाबादी

कहाँ ले जाऊँ दिल दोनों जहाँ में इसकी मुश्क़िल है । यहाँ परियों का मजमा है, वहाँ हूरों की महफ़िल है । इलाही कैसी-कैसी सूरतें तूने बनाई हैं...

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हर घडी क़यामत थी-ज़हूर नज़र
हर घडी क़यामत थी-ज़हूर नज़र

हर घडी क़यामत थी, ये न पूछ कब गुजरी बस यही गनीमत है, तेरे बाद शब् गुजरी कुंजे-गम में एक गुल भी खिल न सका पूरा इस बला की तेजी से सरसरे-तर...

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ये बहार का जमाना - फ़ना निज़ामी कानपुरी
ये बहार का जमाना - फ़ना निज़ामी कानपुरी

ये बहार का जमाना ये हसीं गुलों के साये मुझे डर है बागबां को कहीं नींद आ न जाए खिले गुलशन-ए-वफा में गुल-ए-नामुराद ऐसे ना बहार ही ने पूछा...

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