0
मेरी सुबह हो के न हो - ज़रीना सानी
मेरी सुबह हो के न हो - ज़रीना सानी

मेरी सुबह हो के न हो मुझे है फिराक़ यार से वास्ता शबे ग़म से मेरा मुकाबला दिले बेकरार से वास्ता मेरी जिन्दगी न संवर सकी मेरे ख्वाब सारे ब...

Read more »

0
सआदत यार खां रंगीन
सआदत यार खां रंगीन

सआदत यार खां 'रंगीन' अपने जमाने के प्रसिद्द कवियों में शुमार किये जाते है | उर्दू शायरी की हसीन रिवायत रही है, उर्दू शायरी का यह स...

Read more »
 
 
Top