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जनता के पास एक ही चारा है बगावत - अदम गोंडवी
जनता के पास एक ही चारा है बगावत - अदम गोंडवी

काजू भुने पलेट में, व्हिस्की गिलास में उतरा है रामराज विधायक निवास में पक्के समाजवादी हैं, तस्कर हों या डकैत इतना असर है खादी के उजले ल...

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कोई बच्चा बड़ा हो रहा है
कोई बच्चा बड़ा हो रहा है

श्याम बिस्वानी की एक ग़ज़ल - देखो ए क्या, माजरा हो रहा है, कोइ राह चलता, खुदा हो रहा है | ए मौला बता, ए क्या हो रहा है, ए कैसा बुरा, फ़ल्सफ़...

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भूले बिसरे हुए गम - वाली आसी
भूले बिसरे हुए गम - वाली आसी

भूले बिसरे हुए गम याद बहुत करता है मेरे अंदर कोई फरियाद बहुत करता है रोज आता है, डराता है, जगाता है मुझे तंग मुझको मेरा हमजाद बहुत करता...

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मुज़फ्फर हनफ़ी परिचय
मुज़फ्फर हनफ़ी परिचय

उ र्दू अदब के बुलंद क़ामत साहित्यकार और शायर मुज़फ्फ़र हनफ़ी का असली नाम अबुल मुज़फ्फ़र है | उनका जन्म 1 अप्रैल 1936 को खंडवा मध्यप्रदेश में हु...

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