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मेरी ज़िन्दगी किसी और की
मेरी ज़िन्दगी किसी और की

मेरी ज़िन्दगी किसी और की, मेरे नाम का कोई और है मेरा अक्स है सर-ए-आईना, पसे आईना कोई और है मेरी धड़कनों में है चाप सी, ये जुदाई भी है मिलाप सी...

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दोनों ही पक्ष आये है तैयारियों के  - कुंवर बैचैन
दोनों ही पक्ष आये है तैयारियों के - कुंवर बैचैन

दोनों ही पक्ष आये है तैयारियों के साथ कुछ गर्दनो के साथ है कुछ आरियो के साथ बोया न कुछ भी, फसल मगर ढूंढते है लोग कैसा मजाक चल रहा है क्...

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हमको मगर किसी ने पुकारा कभी न था -आलम खुर्शीद
हमको मगर किसी ने पुकारा कभी न था -आलम खुर्शीद

ऐसा नहीं कि रुकना गवारा कभी न था हमको मगर किसी ने पुकारा कभी न था हालाकि याद आता है अब भी बहुत हमें वो शहर जिसमे कोई हमारा कभी न था हम...

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जज्बात की आवाज-2
जज्बात की आवाज-2

आप पिछली पोस्ट यहाँ पढ़ सकते है जिंदगी में मुझे दूसरों के बाज-बाज अशआर ऐसे मिले, जिन्हें मुझे अपना कहने का बहुत दिल चाहा, बस यु ही जैसे किसी...

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अगरचे देखने में सो रहा था - शमीम फारुकी
अगरचे देखने में सो रहा था - शमीम फारुकी

अगरचे देखने में सो रहा था मगर अंदर से मै जागा हुआ था कहा तक हम उसे जाते बुलाने वो काफी देर पहले जा चूका था अब आया है तो आने दो, न रोक...

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