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अब आने वाली ग़ज़ल का मिजाज़ क्या होगा  -अशोक मिजाज़
अब आने वाली ग़ज़ल का मिजाज़ क्या होगा -अशोक मिजाज़

बदल रहे है यहाँ सब, रिवाज़ क्या होगा मुझे ये फ़िक्र है, कल का समाज क्या होगा लहू तो कम है मगर रक्तचाप भरी है अब ऐसे रोग का आखिर इलाज क्या...

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आए है इस गली में तो पत्थर ही ले चले - नासिर काजमी
आए है इस गली में तो पत्थर ही ले चले - नासिर काजमी

कुछ यादगारे-शहरे-सितमगर ही ले चले आए है इस गली में तो पत्थर ही ले चले यु किस तरह कटेगा कड़ी धुप का सफर सर पर ख्याले-यार की चादर ही ले चल...

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श्याम ! मै तौरी गैया चराऊ
श्याम ! मै तौरी गैया चराऊ

आँख जब आईने से हटाई श्याम सुन्दर से राधा मिल आई आये सपनो में गोकुल के राजा देने सखियों को आयी बधाई प्रेम-जल खूब गागर में भर लू आज बादल ने मा...

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लम्हों का खज़ाना - मीना कुमारी नाज़
लम्हों का खज़ाना - मीना कुमारी नाज़

मीना कुमारी का कल यानी एक अगस्त को जन्मदिवस था उनके जन्मदिवस पर यह आज़ाद नज़्म पेश है - कितनी लालची हूँ मै कितने ढेर सरे लम्हे जमा कर र...

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दुख का अहसास न मारा जाये
दुख का अहसास न मारा जाये

दुख का अहसास न मारा जाये आज जी खोल के हारा जाये इन मकानों में कोई भूत भी है रात के वक्त पुकारा जाये सोचने बैठे तो इस दुनिया में एक लम्हा न ग...

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