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तुम्हारी दोस्त-नवाजी में गर कमी होती– सलमान अख्तर
तुम्हारी दोस्त-नवाजी में गर कमी होती– सलमान अख्तर

तुम्हारी दोस्त-नवाजी में गर कमी होती ज़मीं टूट के तारों पे गिर गई होती बहुत से लोग पशेमान हो गए होते जो बात सच थी अगर वो कही गई होती ख...

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कभी ख्वाबो में मिला वो तो ख्यालो में कभी - सलमान अख्तर
कभी ख्वाबो में मिला वो तो ख्यालो में कभी - सलमान अख्तर

कभी ख्वाबो में मिला वो तो ख्यालो में कभी राह चलते ना मिला दिन के उजाले में कभी जिंदगी हमसे तो इस दर्जा तगाफुल ना बरत हम भी शामिल थे तेर...

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यु तो हसते हुए लडको को भी गम होता है - वली आसी
यु तो हसते हुए लडको को भी गम होता है - वली आसी

यु तो हसते हुए लडको को भी गम होता है कच्ची उम्र में मगर तजुर्बा कम होता है सिगरेटे, चाय, धुआँ, रात गए तक बहसें और कोई फूल सा आँचल कही नम...

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उस बज्म में मुझसे नहीं बनती हया किये
उस बज्म में मुझसे नहीं बनती हया किये

उस बज्म में मुझसे नहीं बनती हया किये बैठा रहा अगरचे इशारे हुआ किये दिल ही तो है सियासते-दरबाँ से डर गया मै और जाऊ डर से तेरे बिन सदा किये बे...

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जलते-जलते जिंदगी
जलते-जलते जिंदगी

जलते-जलते जिंदगी, इक दिन धुआँ बन जाएगी आग बुझ कर रेत पर, काला निशाँ बन जाएगी मैं मिलूं गुलशन में तुमको, ये जरूरी तो नहीं याद मेरी , गुलशनो क...

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वफ़ा जो मुझ को रास आई नहीं है -सीमाब सुल्तानपुरी
वफ़ा जो मुझ को रास आई नहीं है -सीमाब सुल्तानपुरी

वफ़ा जो मुझ को रास आई नहीं है तिरी क्या इस में रुसवाई नहीं है पसारूँ हाथ क्या दाता के आगे जो माँगी है वो शय पाई नहीं है मुहब्बत की को...

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जब कभी बोलना, वक़्त पर बोलना - ताहिर फ़राज़
जब कभी बोलना, वक़्त पर बोलना - ताहिर फ़राज़

जब कभी बोलना, वक़्त पर बोलना मुद्दतों बोलना, मुख़्तसर बोलना डाल देगा हलाक़त में, इक दिन तुझे ऐ परिन्दे तेरा, शाख़ पर बोलना पहले कुछ दू...

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सुकूने दिल के लिए इश्क– फातिमा हसन
सुकूने दिल के लिए इश्क– फातिमा हसन

सुकूने दिल के लिए इश्क तो बहाना था, वगरना थक के कही तो ठहर जाना था जो इज्तिराब का मौसम गुजर आये है, वो जानते है कि वहशत का क्या जमाना था...

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ये दिल, ये पागल दिल मेरा -मोहसिन नकवी
ये दिल, ये पागल दिल मेरा -मोहसिन नकवी

ये दिल, ये पागल दिल मेरा, क्यू बुझ गया, आवारगी इस दश्त में इक शहर था, वो क्या हुआ, आवारगी कल शब मुझे बेशक्ल आवाज़ ने चौका दिया मैंने कहा ...

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सलमान अख्तर लाजवाब शायर
सलमान अख्तर लाजवाब शायर

सलमान अख्तर, आपने कभी इनका नाम सुना है? जी ये भी शायरी से ताल्लुक रखते है और बकायदा ताल्लुक ही नहीं साहित्यिक खानदान से है| जी हां, डॉ. सलमा...

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हुई ताखीर तो कुछ बाइसे ताखीर भी था
हुई ताखीर तो कुछ बाइसे ताखीर भी था

हुई ताखीर तो कुछ बाइसे ताखीर भी था आप आते थे मगर कोई इनाँगीर भी था तुमसे बेजा है मुझे अपनी तबाही का गिला उससे कुछ शाइब-ए-खूबी-ए-तकदीर भी...

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फिर छिड़ी रात बात फूलो की - मखदूम मोहिउद्दीन
फिर छिड़ी रात बात फूलो की - मखदूम मोहिउद्दीन

फिर छिड़ी रात बात फूलो की रात है या बारात फूलो की फुल के हार, फुल के गजरे शाम फूलो की, रात फूलो की आपका साथ, साथ फूलो का आपकी बात, बात...

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किसको कातिल मै कहू - अहमद नदीम कासमी
किसको कातिल मै कहू - अहमद नदीम कासमी

किसको कातिल मै कहू किसको मसीहा समझू सब यहाँ दोस्त ही बैठे है किसे क्या समझू वो भी क्या दिन थे के हर वहां यकी होता था अब हकीकत नज़र आये तो...

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