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वो सर्द फासला बस आज कटने वाला था
मै इक चराग की लौं से लिपटने वाला था

बहुत बिखेरा मुझे मेरे मेहरबानो ने
मीरा वजूद ही लेकिन सिमटने वाला था

बचा लिया तेरी खुशबू के फर्क ने वरना
मै तेरे वहम में तुझसे लिपटने वाला था

उसी को चूमता रहता था वो, कि उसको भी
अज़ीज़ था वही बाज़ू जो कटने वाला था

मुझी को राह बदलनी थी, सो बदल डाली
कही पहाड भी ठोकर से हटने वाला था

तलाश जिसकी थी वो हर्फ़ मिल गया वरना
मै एक सादा वरक और उलटने वाला था

यह किसको तीर चलाने का शौक जाग उठा
वह बाज मेरी तरफ ही झपटने वाला था- कैफी वजदानी

मायने
वजूद=अस्तित्व, हर्फ़=अक्षर

ROMAN

wo sard fasla bas aaj katne wala tha
mai ek charag ki lou se liptane wala tha

bahut bikhera mujhe mere mehrbaano ne
mera wajud hi lekin simtane wala tha

bacha liya teri khushbu ke fark ne warna
mai tere waham me tujhse liptane wala tha

usi ko chumta rahta tha wo, ki usko bhi
aziz tha wahi baaji ko katne wala tha

talaash jiski thi wo harf mil gaya warna
mai ek sada warak aur ultane wala tha

yah kisko teer chalaane ka shouk jaag utha
wah baaz meri taraf hi jhaptane wala tha - Kaifi Wajadaani

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