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इस बरस ग़ज़ल को आम लोगो तक पहुचाने वाले फरिश्तों का जाना हुआ है कुछ समय पहले जगजीत सिंह साहब इस दुनिया से रुकसत हुए और आज पकिस्तान के मशहूर ग़ज़ल गायक मेहंदी हसन साहब का इंतकाल हुआ | खुदा उन्हें जन्नत अता करे | आप सबके लिए उनकी गई हुई दाग देहलवी की यह मशहूर ग़ज़ल :

गज़ब किया तेरे वादे पे एतबार किया
तमाम रात कयामत का इन्तजार किया

हसा हसा के शब-ए-वस्ल अश्कबार किया
तसल्लिया मुझे दे दे के बेक़रार किया

हम ऐसे महव-ए-नज़ारा न थे जो होश आता
मगर तुम्हारे तगाफुल ने होशियार किया

फ़साना-ए-शब-ए-गम उनको एक कहानी थी
कुछ एतबार किया और कुछ न एतबार किया

ये किसने जलवा हमारे सर-ए-मज़ार किया
कि दिल से शोर उठा, हाय!!! बेकरार किया

तड़प फिर ए दिल-ए-नादा, कि गैर कहते है
आखिर कुछ न बनी, तो सब अख्तियार किया

भुला-भुला के जताया है उनको राज-ए-निहा
छिपा-छिपा के मोहब्बत को आशकार किया

तुम्हे तो वादा-ए-दीदार हमसे करना था
ये क्या किया के जहा को उमीदवार किया

ये दिल को ताब कहा है के हो मालान्देश
उन्होंने वादा किया हमने एतबार किया

न पूछ दिल कि हकीकत मगर ये कहते है
वो बेकरार रहे जिसने बेकरार किया

कुछ आगे दावर-ए-महशर से उम्मीद मुझे
कुछ आप ने मेरे कहने का एतबार किया - दाग देहलवी

उनकी आवाज में यह ग़ज़ल सुनिए

ghazab kiya tere waade pe

[slider title="In Roman"]
gazab kiya, tere vaade pe aetbaar kiya
tamaam raat qayamat ka intezaar kiya

hasa hasa ke shab-e-vasl ashkbaar kiya
tasalliya mujhe dede ke beqaraar kiya

ham aise mahv-e-nazaara na the jo hosh ata
magar tumhare tagaaful ne hoshiyaar kiya

fasana-e-shab-e-gam unko ek kahaani thi
kuch aetabaar kiya aur kuch na-aetabaar kiya

ye kisne jalwa hamare sar-e-mazaar kiya
ki dil se shor utha, haaye!!! beqaraar kiya

tadap phir aye dil-e-nadan, ki gair kehte hain
aakhir kuch na bani, sabr ikhtiyaar kiya

bhula-bhula ke jataya hai unko raaz-e-nihaa
chhipa-chhipa ke mohabbat ko aashkaar kiya

tumhe to vada-e-deedar ham se karna tha
ye kya kiya ke jahaan ko umeedwar kiya

ye dil ko taab kahan hai ke ho maalandesh
unhone vada kiya ham ne aetabaar kiya

na poochh dil kee haqeeqat magar ye kehte hain
wo beqaraar rahe jisne beqaraar kiya

kuch aage daawar-e-mahshar se hai umeeid mujhe
kuch aap ne mere kehne ka aetabaar kiya - Daag Dehlvi[/slider]

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