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दर्द से मेरा दामन भर दे या अल्लाह !
फिर चाहे दीवाना कर दे या अल्लाह !

मैनें तुझसे चाँद सितारे कब माँगे
रौशन दिल बेदार नज़र दे या अल्लाह !

सूरज सी इक चीज़ तो हम सब देख चुके
सचमुच की अब कोई सहर दे या अल्लाह !

या धरती के ज़ख़्मों पर मरहम रख दे
या मेरा दिल पत्थर कर दे या अल्लाह ! - क़तील शिफाई

Roman

Dard se mera daman bhar de ya allah!
phir chahe deewana kar de ya allah!

maine tujhse chand sitare kab mange
roushan dil bedar nazar de ya allah!

suraj si ik cheez to ham sab dekh chuke
sachmuch ki ab koi sahar de ya allah!

ya dharti ke jakhmo par marham rakh de
ya mera dil patthar kar de ya allah! - Qateel Shifai

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