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बसके दुशवार है हर काम का आसां होना |
आदमी को भी मयस्सर नहीं इंसा होना ||

गिरया चाहे है खराबे मेंरे काशाने की |
दरो-दिवार से टपके है बयाबां होना ||

वाए-दीवानगी-शौक की हर दम मुझको |
आप जाना उधर और आप ही हैरां होना ||

की मेरे क़त्ल के बाद उसने ज़फा से तौबा |
हाय उस जुदे-पशेमां का पशेमां होना ||

हैफ उस चार गिरह कपडे की किस्मत ग़ालिब |
जिसकी किस्मत में हो आशिक का गरेबा होना ||

मायने
गिरया=आर्तनाद, जुदे-पशेमां का पशेमा होना= शीघ्र लज्जित हो जाने वाले का लज्जित होना, हैफ=अफ़सोस, काशाने= छोटा सा घर

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