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छोड़ के मेरा घर वो, किस के घर जाएगा
दर्द को और न समझाओ, वो मर जाएगा

दानिश्वर ! ये तेरी खिरद का खेल नहीं
दिल ने जो भी करना है, वो कर जाएगा

इतना प्यार दिखा मत अपने दुश्मन से
दिलजला, किसी दिन तुझ पे मर जाएगा

प्यार बात के देखो, सारी दुनिया से
दिल का दामन भरते-भरते भर जाएगा

मौत सजा कर जिस दिन अपना रथ लाई
ये घर छोड़ के, अंजुम अपने घर जाएगा
                                   - सरदार अंजुम
मायने
दानिश्वर=बुध्हिजिव, खिरद=अक्ल बुद्धि

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