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हमारा दिल तो मुकम्मल सुकून चाहता है
मगर ये वक्त की हमसे जूनून चाहता है

अब इस बहिश्त को मकतल का नाम दे दीजे
की अब ये खितए-कश्मीर, खून चाहता है

फरेब इतने दी है उसे सहारो ने
वो छत भी अपने लिए बेसुतून चाहता है

सफ़र में बर्फ हवाओ से नींद आती है
लहू हमारा दिसंबर में जून चाहता है

मिलेगा तुझको फ़कत सुहबते-बुजुर्गा से
अगर शऊरे-उलुमो-फुनून चाहता है
                                       - फ़ारुक़ अंजुम
मायने 
बहिश्त=जन्नत, स्वर्ग, मकतल=वधस्थल, खितए-कश्मीर=कश्मीर का इलाका, फरेब= धोखा, बेसुतून=बिना खम्बो का, शऊरे-उलुमो-फुनून =विधाओ, कलाओ की समझ
 
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  1. सफर में बर्फ हवाओं से नींद आती है
    लहू हमारा दिसंबर में जून चाहता है

    भाई सुभान अल्लाह...क्या खूब शेर कहा है...पूरी गज़ल ही दिलकश है...दाद कबूल करें...

    नीरज

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  2. बेहतरीन पोस्ट लेखन के लिए बधाई !

    आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

    आपकी पोस्ट की चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है - पधारें - बूझो तो जाने - ठंड बढ़ी या ग़रीबी - ब्लॉग 4 वार्ता - शिवम् मिश्रा

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  3. धारदार बात कह गए ज़नाब

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  4. मैं चाहता हूँ कि ‘अंजुमों की अंजुमन’ नाम से एक काव्य-कृति अपनी विस्तृत समीक्षा के साथ प्रकाशित करूँ जिसमें ‘अंजुम’ उपनाम/पेन-नेम से चर्चित/सृजनरत्‌ देश के प्रमुख "अंजुमों" को शामिल करूँ।

    जैसे- अंजुम रहबर, अशोक अंजुम, अंजुम लुधियानवी, सरदार अंजुम, फ़ारुक़ अंजुम, अंजुम बाराबंकवी, अखिलेश अंजुम, अंजीव अंजुम, आदि। यदि आप सभी की सहमति/सहयोग से ‘अंजुमों की अंजुमन’ (तारों की सभा / सितारों की महफ़िल) नामक यह पुस्तक प्रकाशित हो सकी, तो हिन्दी साहित्य में संभवतः यह एक अनूठी पहल होगी। प्रस्तावित पुस्तक हेतु आपके विचार सहर्ष आमंत्रित हैं।

    विदित हो कि ‘अंजुम’-श्रृंखला में मेरा पहला कार्य कविवर श्री अशोक अंजुम (अलीगढ़, उप्र) पर केन्द्रित 250 पृष्ठीय पुस्तक के रूप में ‘रोशनी का घट’ शीर्षक से संपादित हो चुका है। इसे देश के प्रतिष्ठित प्रकाशक ‘सरस्वती प्रकाशन’ (देहरादून) ने गत‌ माह (मार्च 2011) में प्रकाशित किया है...कीमत 300/- रुपये। पुस्तक की गुणवत्ता के आँकलन/अवलोकन हेतु आप निर्धारित मूल्य के M.O./ Cheque के साथ पत्र भेजकर मेरे निम्नांकित पते पर अथवा सीधे तौर पर प्रकाशक से भी संपके कर सकते हैं।

    कृपया आप अपनी राय से शीघ्र अवगत करावें। संपर्क-सूत्र: 09450320472

    सद्‌भावी,
    जितेन्द्र ‘जौहर’
    अँग्रेज़ी विभाग, एबीआई कॉलेज,

    पत्राचार:
    IR-13/6, रेणुसागर, सोनभद्र (उप्र) 231218
    मोबाइल नं. +91 9450320472
    ईमेल : jjauharpoet@gmail.com

    सूचनार्थ प्रतिलिपि :
    1. अंजुम रहबर
    2. अशोक अंजुम
    3. अंजुम लुधियानवी
    4. सरदार अंजुम
    5. फ़ारुक़ अंजुम
    6. अंजुम बाराबंकवी
    7. अखिलेश अंजुम
    8. अंजीव अंजुम

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