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तू मुझे इतने प्यार से मत देख
तेरी पलकों के नर्म साये में

धूप भी चांदनी सी लगती है
और मुझे कितनी दूर जाना है

रेत है गर्म, पाँव के छाले
यूँ दमकते हैं जैसे अंगारे

प्यार की ये नज़र रहे, न रहे
कौन दश्त-ए-वफ़ा में जाता है

तेरे दिल को ख़बर रहे न रहे
तू मुझे इतने प्यार से मत देख - अली सरदार जाफ़री / Ali Sardar Jafri

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