0
N tha kuch to khuda tha, kuch n hota to khuda hota.
N tha kuch to khuda tha, kuch n hota to khuda hota
Duboya mujhko hone ne, n mai hota to kya hota
Hua jab gam se yu behis to gam kya sar ke katne ka
N hota gar juda tan se to janu par dhara hota
Hui muddat ki 'Ghalib' mar gaya par yaad aata hai
Wo har ek baat par kahna ki yu hota to kya hota

न था कुछ तो खुदा था, कुछ न होता तो खुदा होता
न था कुछ तो खुदा था, कुछ न होता तो खुदा होता
डुबोया मुझको होने ने, न मै होता तो क्या होता
हुआ जब ग़म से यु बेहिस तो ग़म क्या सर कटने का
न होता गर जुदा तन से तो जानू पर धरा होता
हुई मुद्दत की 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है
वो हर एक बात पर कहना कि यु होता तो क्या होता







Post a Comment Blogger

 
Top