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अजब-खुलूस अजब सादगी से करता है
दरख्त नेकी बड़ी ख़ामोशी से करता है

मै उसका दोस्त हु अच्छा, यही नहीं काफी
उम्मीद और भी कुछ दोस्ती से करता है

जवाब देने को जी चाहता नहीं उसको
सवाल वैसे बड़े आजिज़ी से करता है

जिसे पता ही नहीं शायरी का फन क्या है
वो कारोबार यहाँ शायरी से करता है

समन्दरो से लादे तो उसे भी पता चले
लड़ाई करता है वो भी नदी से करता है

नई नहीं है ये उसकी पुरानी आदत है
शिकायते हो किसी की किसी से करता है

मुकाबले के लिए लोग और भी है मगर
मुकाबला वो अतुल अजनबी से करता है - अतुल अजनबी

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  1. क्या बात है बहुत ही अच्छी पंक्तिया लिखी है .....
    इन्हें पेश करने का अंदाज बहुत पसंद आया ....

    एक बार पढ़कर अपनी राय दे :-
    (आप कभी सोचा है कि यंत्र क्या होता है ..... ?)
    http://oshotheone.blogspot.com/2010/09/blog-post_13.html

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  2. Aapki panktiyo me bhaut dam h , ye vakhi kamal ki h.Agr aap aisi hi mjedar panktiya aur padhna cahte h to dekhe - http://shayrisms.com/

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